“शुक्रवार को फिल्म फ्लॉप, सोमवार को हम सड़क पर”; फराह खान ने तनीषा मुखर्जी के व्लॉग में सुनाया बचपन का दर्दनाक किस्सा

तनीषा मुखर्जी के फूड व्लॉग में फराह खान ने अपने बचपन के आर्थिक संघर्ष को याद किया। फराह ने बताया कि कैसे 1971 में देब मुखर्जी स्टारर फिल्म 'ऐसा भी होता है' के फ्लॉप होने के बाद उनका परिवार रातों-रात बेहद गरीब हो गया था।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 May 2026, 7:28 PM IST
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Mumbai: मशहूर बॉलीवुड फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान अक्सर अपने मजेदार स्वभाव और बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में फराह खान अपनी करीबी दोस्त और अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी के घर उनका फूड व्लॉग शूट करने पहुंची थीं। इस दौरान जहां दोनों ने मिलकर मजेदार कुकिंग की, वहीं फराह ने अपने बचपन के उन दिनों को भी याद किया जब उनका परिवार गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा था।

तनीषा के घर पर बिताए इन पलों में फराह ने फिल्म निर्माता अयान मुखर्जी के पिता और दिग्गज अभिनेता देब मुखर्जी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और मजेदार किस्सा भी साझा किया।

साबूदाना खिचड़ी के साथ पुरानी यादों का सफर

व्लॉग की शुरुआत में तनीषा मुखर्जी ने फराह खान को अपने खूबसूरत घर का टूर कराया, जिसमें बंगाली संस्कृति और विरासत की प्रामाणिक झलकियां देखने को मिल रही थीं। इसके बाद दोनों किचन में गईं और तनीषा के कुक दिलीप की मदद से स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी बनाई। खाना तैयार होने के बाद दोनों घर की छत पर चली गईं।

वहां लगे एक खूबसूरत झूले पर बैठकर दोनों ने खाना खाया और अपने बचपन, परिवार और संघर्ष के दिनों की यादों को ताजा किया। इसी बातचीत के दौरान फराह अपने अतीत को याद करते हुए भावुक भी नजर आईं।

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तुम्हारे पिता की वजह से हम गरीब हुए

अपने परिवार के आर्थिक संकट के दिनों को याद करते हुए फराह खान ने हंसते हुए तनीषा से कहा, "मैं हमेशा अयान मुखर्जी से कहती हूं कि तुम्हारे पिताजी की वजह से हम गरीब हुए थे।" फराह ने इस मजेदार लेकिन कड़वी सच्चाई का खुलासा करते हुए आगे बताया, "दरअसल, मेरे पिताजी (कामरान खान) ने अयान के पिता देब मुखर्जी को मुख्य भूमिका (लीड रोल) में लेकर अपनी पहली बड़ी रंगीन फिल्म बनाई थी। वह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। आलम यह था कि शुक्रवार को फिल्म पिटी और सोमवार तक हम पूरी तरह गरीब हो गए।"

1971 की वो फिल्म जिसने बदल दी फराह की जिंदगी

फराह खान जिस फिल्म का जिक्र कर रही थीं, वह साल 1971 में रिलीज हुई 'ऐसा भी होता है' थी। इस फिल्म का निर्देशन फराह के पिता कामरान खान ने किया था और इसमें देब मुखर्जी के साथ नंदिता बोस, टुन टुन और जलाल आगा ने भी मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। फराह ने बताया कि उन दिनों आज की तरह स्टूडियो सिस्टम या कॉर्पोरेट फंडिंग नहीं होती थी। फिल्म निर्माता अपनी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी और घर तक दांव पर लगाकर फिल्में बनाते थे। ऐसे में एक फिल्म का फ्लॉप होना पूरे परिवार को सड़क पर ले आता था।

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पुराने और नए जमाने के सिनेमा में अंतर

फराह ने आज के दौर के फिल्म निर्माण और पुराने जमाने के संघर्ष की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि आज के समय में फिल्म फ्लॉप होने पर भी निर्माताओं को उतना बड़ा व्यक्तिगत नुकसान नहीं झेलना पड़ता, क्योंकि प्रोजेक्ट्स को बड़े कॉर्पोरेट घरानों और स्टूडियोज का समर्थन प्राप्त होता है। लेकिन उनके पिता के दौर में एक असफलता ने उनके हंसते-खेलते परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बिगाड़ दिया था। फराह का यह व्लॉग सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है, जहां फैंस उनके इस बेबाक और सच्चे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं।

Location :  Mumbai

Published :  29 May 2026, 7:28 PM IST

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