हिंदी
कुरावली क्षेत्र में वारिस अली हत्याकांड का मामला (Img: Dynamite News)
Mainpuri: मैनपुरी जिले के कुरावली क्षेत्र में वारिस अली हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह मामला सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि 9 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने की सुनियोजित साजिश थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले भरोसा जीतने की कोशिश की और फिर हत्या की योजना रची।
20 मई को फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर वारिस अली का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन मृतक की बेटी स्वालिहा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पुलिस को अहम सुराग दिए। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अरुण कुमार, जो पेशे से सरकारी शिक्षक है, ने वारिस अली से 35 लाख रुपये में जमीन खरीदने की बात कही थी, लेकिन बाद में अपने ड्राइवर के नाम करीब 12.5 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया। इस जमीन की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस का दावा है कि साजिश का खुलासा होने के डर से अरुण कुमार ने अपने साथी रविंद्र सोलंकी और ऋषिबाबू के साथ मिलकर वारिस अली की हत्या कर दी। 19 मई को आरोपियों ने वारिस अली की हत्या कर शव को फतेहजंगपुर सर्विस रोड पर फेंक दिया, ताकि मामला सड़क हादसा लगे।
जांच में यह भी सामने आया कि मास्टरमाइंड अरुण कुमार ने खुद को बचाने के लिए अपना मोबाइल ऑन रखा और अलग-अलग जगहों पर अपनी लोकेशन सीसीटीवी में दर्ज कराई, जबकि बाकी आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए थे।
गोरखपुर में आबादी की जमीन पर दबंगों का कब्जा? डीएम से गुहार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरुण कुमार, रविंद्र सोलंकी और ऋषिबाबू को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर बलेनो कार, हत्या में इस्तेमाल सरिया, तकिया और मृतक का आधार कार्ड बरामद किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मामले की आगे जांच जारी है।
Location : Mainpuri
Published : 30 May 2026, 3:10 PM IST