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मेरठ में एक अनोखा और भावुक मामला सामने आया, जहां रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी प्रणिता शर्मा का फूल-मालाओं से स्वागत किया। तलाक के बाद बेटी को घर वापस लाने के लिए परिवार ने ढोल-ढमाकों के साथ जश्न मनाया। पिता ने कहा, “बेटी कोई सामान नहीं, वह हमारी खुशी और परिवार का हिस्सा है।”
अपने परिवार के साथ तलाकशुदा बेटी
Meerut: शनिवार को मेरठ में तलाक का एक अनोखा मामला देखने को मिला। रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी प्रणिता शर्मा का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कोर्ट से घर लौटते समय ढोल-ढमाकों और नाच-गाने के बीच परिवार ने खुशी जताई। इस मौके पर सभी सदस्य ब्लैक टी-शर्ट में नजर आए, जिस पर लिखा था – “I Love My Daughter”
विवाह में बेटी की परेशानियों का सच
प्रणिता शर्मा की शादी 14 दिसंबर 2018 को शाहजहांपुर के आर्मी मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी। लेकिन विवाह के बाद वह ससुराल में खुश नहीं थीं। पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि बेटी को पिछले 7 सालों में मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से परेशान किया गया। बच्चा होने के बावजूद हालात नहीं बदले।
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तलाक और न्याय की राह
आखिरकार प्रणिता ने मेरठ फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। 4 अप्रैल को कोर्ट ने तलाक मंजूर किया। इसके बाद पिता ने ढोल-ढमाकों और फूल-मालाओं के साथ बेटी को घर वापस लाया। उन्होंने कहा, “मैंने कोई एलीमनी या सामान नहीं लिया। मेरी बेटी कोई सामान नहीं, वह हमारा परिवार है।”
प्रणिता शर्मा ने कहा कि यदि किसी महिला को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है, तो चुप न रहें। पहले खुद को मजबूत बनाएं, पढ़ें-लिखें और अपने पैरों पर खड़े हों। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना ही असली महिला सशक्तिकरण है।
पिता का समाज के लिए संदेश
ज्ञानेंद्र शर्मा ने समाज से कहा कि बेटी को भी बेटे की तरह परिवार का बराबर सदस्य मानना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए, इसे जमीन पर उतारना जरूरी है।