मुजफ्फरनगर में हंगामा: इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह ने जोड़े हाथ, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पढ़ाया कानून का पाठ

मुजफ्फरनगर टोल प्लाजा पर अचानक ऐसा क्या हुआ कि सांसद चंद्रशेखर आजाद भड़क गए और इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह को बीच सड़क हाथ जोड़ने पड़ गए? आखिर मेरठ जाने से पहले क्यों मचा यह भारी बवाल? क्या पुलिस कुछ छुपा रही है? जानिए इस तीखी नोकझोंक के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी!

Updated : 10 July 2026, 3:31 PM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद स्थित रोहाना टोल प्लाजा (नगर कोतवाली क्षेत्र) पर शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद अपने काफिले के साथ सहारनपुर से मेरठ की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान टोल प्लाजा पर पुलिसकर्मियों द्वारा काफिले को रोकने के प्रयास के बाद सांसद और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

टोल प्लाजा पर क्यों हुआ विवाद?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चंद्रशेखर आजाद का काफिला रोहाना टोल प्लाजा पर पहुंचा, तो सांसद की मुख्य गाड़ी तो आसानी से टोल पार कर गई, लेकिन पीछे आ रहीं उनके काफिले की कुछ अन्य गाड़ियों को वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। अपनी गाड़ियों को रोके जाने की सूचना मिलते ही चंद्रशेखर आजाद तुरंत अपनी कार से नीचे उतरे और टोल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गए। उन्होंने पुलिस द्वारा काफिले को रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद माहौल गरमा गया।

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इंस्पेक्टर ने जोड़े हाथ, सांसद बोले- "कोई निर्दोष जेल न जाए"

इस हंगामे के दौरान एक दिलचस्प और बेहद चर्चा का विषय बना वीडियो सामने आया, जिसमें नगर कोतवाली क्षेत्र के इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह सांसद चंद्रशेखर आजाद के सामने हाथ जोड़े खड़े नजर आए। वहीं, चंद्रशेखर आजाद उन्हें कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था का पाठ पढ़ाते दिखाई दिए।

सांसद के कड़े रुख को देखते हुए इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह सफाई देते हुए यह कहते सुनाई पड़े- "मैं इंस्पेक्टर हूं और इंस्पेक्टर ही रहूंगा, गाली नहीं दी थी किसी को... हाथ जोड़ रहा हूं।"

इस बहस के बीच चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति जेल न जाए और कोई भी असली दोषी कानून की नजरों से बच न पाए।

मेरठ एसएसपी की 'अभद्र भाषा' पर उठाए सवाल

हंगामे के बाद चंद्रशेखर आजाद का काफिला मेरठ की ओर रवाना हो गया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिला मजिस्ट्रेट (DM) के व्यवहार पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मेरठ में प्रदर्शनकारियों के साथ जो बदसलूकी की गई है, वह किसी भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश में कतई स्वीकार्य नहीं है।

सांसद ने एसएसपी मेरठ की भाषा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा- "जिले के सर्वोच्च पद पर बैठे अधिकारी ने 'सड़क किसी के बाप की नहीं है, गंदगी कर दी सालों ने' जैसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब इतने बड़े पदों पर बैठे अधिकारी ऐसा व्यवहार करेंगे, तो जनता के मन में भय और चिंता पैदा होना लाजिमी है।"

आजाद ने कहा कि वह चोरी-छिपे नहीं बल्कि सबको बताकर मेरठ जा रहे हैं। वह वहां पहुंचकर एसएसपी और डीएम दोनों से मुलाकात करेंगे और सीधे पूछेंगे कि उन्होंने ऐसा कृत्य क्यों किया और इसके पीछे किसका हाथ है।

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पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, आत्महत्या को बताया गलत

चंद्रशेखर आजाद ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते लोगों की बात सुन लेती, तो आज यह नौबत ही नहीं आती। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये के बाद पीड़ित परिवार उनकी जांच पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? वह मेरठ जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे, उनकी पीड़ा सुनेंगे और न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

हालिया घटनाक्रमों के संदर्भ में उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आत्महत्या किसी भी समस्या का विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा- "मैं आत्महत्या का पूरी तरह विरोधी हूं और संघर्ष का पक्षधर्मी हूं। जीवन एक बार मिला है, अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए। अगर आप ही मर जाओगे तो आपकी लड़ाई कौन लड़ेगा? हमारे पास अदालतें हैं, बड़े अधिकारी हैं, हमें संघर्ष का रास्ता चुनना चाहिए।"

आगे की रणनीति: क्या पुलिस रोकेगी रास्ता?

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने साफ किया कि वह कोई अपराध करने नहीं जा रहे हैं, इसलिए उन्हें रोकने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस ऐसा क्या छुपाना चाहती है जो उन्हें रोकना चाहती है? आजाद ने एलान किया है कि वह पीड़ितों से मिलने के बाद बड़े अधिकारियों से बात करेंगे और यदि कोई न्यायसंगत रास्ता नहीं निकला, तो इस मामले को लेकर आगे बड़ी रैली और आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। अब देखना यह होगा कि मुजफ्फरनगर के इस हंगामे के बाद पुलिस उन्हें मेरठ पहुंचने देती है या नहीं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  10 July 2026, 3:14 PM IST

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