हिंदी
एनएचआरसी एक्शन (सोर्स- एक्स)
Meerut/Lucknow: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड का मामला अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। मेरठ से लेकर दिल्ली और लखनऊ तक यह मामला गरमाता जा रहा है। ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर अब विरोध-प्रदर्शन तेज हो गये हैं। इस केस में अब यूपी पुलिस और मेरठ के एसएसपी की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ललिता गौतम हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अब उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। NHRC ने DGP को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
दरअसल, पूर्व IPS ऑफिसर अमिताभ ठाकुर ने ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर गुस्साये दलित समाज के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाने की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की थी। अमिताभ ठाकुर की इसी शिकायत पर NHRC ने डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दखल के बाद अब इस मामले ने पूरी तरह तूल पकड़ लिया है। आयोग ने यूपी डीजीपी को भेजे नोटिस में पुलिसिया कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए हैं और पूछा है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने की नौबत क्यों आई? इसके साथ ही, आयोग ने पीड़ित परिवार को दी गई सुरक्षा और अब तक की गई कानूनी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। इस नोटिस के बाद मेरठ पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया है और मामले की लीपापोती में जुटे अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर उबाल है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और अन्य दलित संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि ललिता गौतम के हत्यारों को जल्द से जल्द सख्त सजा नहीं मिली और लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेंगे। भीम आर्मी के प्रमुख ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
फिलहाल, लखनऊ मुख्यालय से मिली गाइडलाइंस के बाद मेरठ एसएसपी ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन कर दिया है। पुलिस अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
Location : Meerut/Lucknow
Published : 10 July 2026, 1:07 PM IST