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बीजेपी नेता ने बिजली उपकेंद्र पर लगाया ताला (Img: Google)
Chandauli: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती अब लोगों के सब्र की सीमा पार करती दिख रही है। भीषण गर्मी और घंटों की अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा उस वक्त खुलकर सामने आया, जब भाजपा के एक स्थानीय नेता ने खुद बिजली उपकेंद्र पहुंचकर ताला जड़ दिया।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को चर्चा में ला दिया है।
मामला चंदौली के बबुरी क्षेत्र का है, जहां पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन के साथ-साथ रात में भी घंटों बिजली गायब रहती है, जिससे गर्मी में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बिजली न होने से पानी की सप्लाई, इन्वर्टर चार्जिंग और रोजमर्रा की जरूरतें भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
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इसी बीच भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष और व्यापार मंडल के जिला मंत्री महेंद्र सेठ का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह फोन पर किसी जनप्रतिनिधि से नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी तक उन्हें ताना मार रही है कि “क्या खाक बीजेपी नेता हो, जब बिजली ही नहीं दिला पा रहे।” पत्नी के इसी ताने और जनता की नाराजगी से परेशान होकर वह खुद बिजली उपकेंद्र पहुंच गए और वहां ताला बंद कर दिया।
बताया जा रहा है कि 21 मई की रात करीब 120 ग्रामीण और स्थानीय लोग बबुरी विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए थे। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और नियमित बिजली आपूर्ति की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान उपकेंद्र पर ताला लगा दिया गया, जिससे बिजली विभाग के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार बिजली कटौती के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रातभर गर्मी में जागकर समय बिताना पड़ रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया।
बिजली संकट को लेकर शुरू हुआ यह विरोध करीब 15 घंटे तक चलता रहा। बाद में विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और अघोषित कटौती कम करने की कोशिश होगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
हालांकि, इस घटना के बाद प्रशासन और बिजली विभाग दोनों सवालों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे जनता की पीड़ा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक नाराजगी से जोड़कर देख रहे हैं।
Location : Chandauli
Published : 23 May 2026, 3:22 PM IST