नौतपा में कार के अंदर भूलकर भी न छोड़ें ये सामान, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

देशभर में बढ़ती भीषण गर्मी और नौतपा के बीच कारों पर भी खतरा बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स ने इंजन कूलेंट, टायर प्रेशर, बैटरी और एसी की नियमित जांच की सलाह दी है। लापरवाही की वजह से इंजन ओवरहीट, टायर फटने और कार में आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

Updated : 23 May 2026, 3:00 PM IST
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New Delhi: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, जिसके चलते तापमान और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस मौसम का असर सिर्फ इंसानों की सेहत पर ही नहीं बल्कि गाड़ियों पर भी साफ दिखाई देने लगता है।

तेज धूप में घंटों खड़ी रहने वाली कारें अंदर से पूरी तरह गर्म हो जाती हैं। कई बार छोटी सी लापरवाही कार में आग लगने, टायर फटने या इंजन ओवरहीट होने जैसी बड़ी घटनाओं की वजह बन सकती है। ऐसे में कार चालकों को गर्मी के मौसम में अपनी गाड़ी का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

इंजन और कूलेंट की जांच बेहद जरूरी

गर्मी के मौसम में कार के इंजन पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। अगर कार का कूलेंट कम है या रेडिएटर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, तो इंजन जल्दी ओवरहीट हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी यात्रा पर निकलने से पहले कूलेंट लेवल जरूर चेक करना चाहिए।

कई लोग सिर्फ पानी डालकर इंजन ठंडा रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन विशेषज्ञ सही इंजन कूलेंट इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। सही कूलेंट इंजन को ज्यादा सुरक्षित रखता है और अत्यधिक गर्मी में भी उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करता है।

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गर्म सड़कों पर बढ़ जाता है टायर फटने का खतरा

तेज गर्मी में सड़कें भी काफी गर्म हो जाती हैं, जिसका सीधा असर कार के टायरों पर पड़ता है। अधिक तापमान में टायर का प्रेशर तेजी से बढ़ता है और इससे टायर फटने का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक टायर प्रेशर हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए स्तर पर ही रखना चाहिए। साथ ही पुराने और घिसे हुए टायर गर्मी में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसलिए समय-समय पर टायरों की जांच और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलना जरूरी है।

बैटरी और एसी पर भी पड़ता है असर

लगातार धूप में कार खड़ी रहने से बैटरी और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स पर भी असर पड़ता है। कोशिश करनी चाहिए कि कार को हमेशा छांव में पार्क किया जाए। अगर ऐसा संभव न हो तो सनशेड का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

कुछ लोग कार की खिड़कियां हल्की खोलकर भी रखते हैं ताकि अंदर की गर्मी कम हो सके। वहीं गर्मी के मौसम में एसी का ज्यादा इस्तेमाल होने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए एसी की समय पर सर्विसिंग करवाना भी जरूरी माना जाता है।

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कार के अंदर भूलकर भी न छोड़ें ये सामान

गर्मी के मौसम में कार के अंदर रखी कुछ चीजें बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। परफ्यूम, पावर बैंक, लाइटर और गैस वाले स्प्रे तेज गर्मी में फट सकते हैं। इसलिए कार पार्क करते समय ऐसी चीजों को अंदर छोड़ने से बचना चाहिए।

इसके अलावा मोबाइल फोन को भी डैशबोर्ड पर धूप में नहीं रखना चाहिए। ज्यादा गर्मी की वजह से फोन और उसकी बैटरी दोनों खराब हो सकते हैं।

लंबी यात्रा में बरतें अतिरिक्त सावधानी

अगर आप लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं तो बीच-बीच में कार रोककर इंजन को ठंडा होने का समय देना जरूरी है। लगातार एसी चलाने और हाईवे पर लंबी ड्राइव की वजह से इंजन जल्दी गर्म हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कार से जलने जैसी गंध आए या बोनट से ज्यादा गर्म हवा महसूस हो तो तुरंत गाड़ी रोककर जांच करनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही कई बार बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  23 May 2026, 2:57 PM IST

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