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इलेक्ट्रिक वाहन (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: पश्चिम एशिया में ईरान और अन्य देशों के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई पर पड़ा है। सप्लाई बाधित होने के कारण वैश्विक बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। इसका असर भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां ईंधन की बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही हैं। इसी वजह से अब लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर रुख कर रहे हैं।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान तेज उछाल दर्ज किया गया है। ऑटोमोबाइल कंपनियों के अनुसार, ग्राहक अब EV को लेकर ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। खासकर टाटा मोटर्स, JSW MG Motor और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियों ने बताया है कि न केवल पूछताछ बढ़ी है, बल्कि बुकिंग्स में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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भारत के EV बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने पुष्टि की है कि हाल के दिनों में इलेक्ट्रिक कारों को देखने और उनके बारे में जानकारी लेने वाले ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कंपनी के डीलर नेटवर्क से भी रिपोर्ट मिली है कि लोग शोरूम में पहुंचकर EV मॉडलों की बुकिंग कर रहे हैं। कंपनी का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक संकट ने इस मांग को और तेज किया है।
JSW MG Motor India ने भी EV बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के अनुसार, जनवरी-फरवरी 2026 की तुलना में मार्च-अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों की रुचि 23% से अधिक बढ़ी है। कंपनी को उम्मीद है कि यह रुझान पूरे साल जारी रहेगा और 2026 के अंत तक भारत में कुल पैसेंजर कार बिक्री में EV की हिस्सेदारी 8% से अधिक हो सकती है।
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महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), जो इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में तेजी से आगे बढ़ रही है, ने भी इस बदलाव का स्वागत किया है। कंपनी ने प्रधानमंत्री की क्लीन और ग्रीन एनर्जी की अपील का समर्थन करते हुए कहा है कि भारत के पास पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने का यह एक सुनहरा अवसर है।
रनिंग कॉस्ट में भारी बचत: पेट्रोल कार चलाने का खर्च लगभग 5 से 7 रुपये प्रति किलोमीटर आता है, जबकि EV को चार्ज करने का खर्च मात्र 1 से 1.5 रुपये प्रति किलोमीटर है।
सरकारी प्रयास और भरोसा: सरकार द्वारा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे लोगों का EV पर भरोसा बढ़ा है।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता: प्रदूषण को लेकर बढ़ती चिंता के कारण लोग अब कम उत्सर्जन वाले वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
नई टेक्नोलॉजी का आकर्षण: नई EV गाड़ियों में एडवांस फीचर्स और प्रीमियम टेक्नोलॉजी मिल रही है, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।
Location : New Delhi
Published : 22 May 2026, 11:40 AM IST