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प्रोफेसर गुंजन की मौत का मंजर (IMG: Dynamite News)
Prayagraj: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर गुंजन सुशील की मौत ने शहर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसा मामला सामने आया, जहां बीमार हालत में अकेली रह रही प्रोफेसर की तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर मदद नहीं पहुंच सकी। सुबह खाना बनाने वाली मेड पहुंची तो कमरे के भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा खुला तो प्रोफेसर की मौत हो चुकी थी।
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से वर्ष 2019 में सवेरा अभियान शुरू किया गया था। जिले में 600 से अधिक बुजुर्ग सवेरा पोर्टल पर पंजीकृत भी हैं। इसके बावजूद अब तक सिर्फ 67 बुजुर्गों ने इस व्यवस्था के माध्यम से अपनी समस्याएं साझा की हैं। सवेरा योजना के तहत पंजीकृत बुजुर्गों से पुलिस को संपर्क स्थापित कर समय-समय पर उनका हालचाल जानना होता है।
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि गुंजन सुशील शुक्रवार रात दवा खाकर अपने कमरे में सोई थीं। शनिवार सुबह खाना बनाने वाली मेड उनके घर पहुंची और आवाज लगाई, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। जब काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया। कमरे के अंदर गुंजन सुशील मृत अवस्था में मिलीं।
गुंजन सुशील के पति स्वर्गीय मनोज वर्मा सीएमएस पद पर कार्यरत थे। करीब दो वर्ष पहले बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। इसके बाद गुंजन सुशील कैंट के मुन्ना हाता स्थित अपने घर में अकेली रह रही थीं। उनकी इकलौती बेटी समृद्धि राय और दामाद हितेश राय के मुताबिक, मां की देखभाल के लिए नौकर और खाना बनाने वाली मेड नियमित रूप से उनके संपर्क में रहते थे।
शहर में गुंजन सुशील जैसी स्थिति में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिक हैं। कई बुजुर्ग दंपती या अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के बच्चे नौकरी, कारोबार या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में रहते हैं। ऐसे में उनकी रोजमर्रा की जिंदगी घरेलू सहायिका, पड़ोसियों या कभी-कभार फोन करने वाले रिश्तेदारों पर निर्भर हो जाती है। दिन के समय आसपास लोगों की आवाजाही होने से स्थिति कुछ आसान रहती है, लेकिन रात में अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर परेशानी बढ़ जाती है।
डीसीपी सिटी सागर जैन ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय समय रहते सहायता लें। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए 14567 एल्डरलाइन भी उपयोगी है। इसके माध्यम से दुर्व्यवहार, कानूनी सहायता, पेंशन से जुड़ी जानकारी और भावनात्मक सहयोग जैसी सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं। यह टोल फ्री हेल्पलाइन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक संचालित होती है।
Location : Prayagraj
Published : 14 September 2026, 4:27 PM IST
Topics : Allahabad University prayagraj news Prayagraj Police Senior Citizen Safety Uttar Pradesh News