बाबा नीब करौरी महाराज की पैतृक संपत्ति विवाद में नया मोड़, छह पौत्रियों ने जताया वारिसाना हक

महान संत बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली अकबरपुर स्थित पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद तेज हो गया है। प्रशासन के नोटिस के जवाब में बाबा की छह पौत्रियों ने पैतृक मकान, डाक बंगले और मंदिर पर अपना वारिसाना अधिकार जताया है। उन्होंने दावा किया है कि संपत्ति पर किसी ट्रस्ट का कानूनी अधिकार नहीं है और इसे परिवार की संपत्ति बताया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 14 September 2026, 3:26 PM IST
google-preferred

Firozabad: महान संत बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली अकबरपुर स्थित पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद तेज हो गया है। प्रशासन के नोटिस के जवाब में बाबा की छह पौत्रियों ने पैतृक मकान, डाक बंगले और मंदिर पर अपना वारिसाना अधिकार जताया है। उन्होंने दावा किया है कि संपत्ति पर किसी ट्रस्ट का कानूनी अधिकार नहीं है और इसे परिवार की संपत्ति बताया है।

प्रशासन के नोटिस पर पौत्रियों ने दाखिल किया जवाब

बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली अकबरपुर स्थित पैतृक संपत्ति का मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के जवाब में बाबा की छह पौत्रियों ने पैतृक मकान, डाक बंगले और मंदिर पर अपना अधिकार जताते हुए आधिकारिक दावा पेश किया है।

पौत्रियों का कहना है कि संबंधित संपत्ति उनके परिवार की है और इसे किसी ट्रस्ट को न तो दान किया गया है और न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरित किया गया है।

ठाकुर जी हनुमान ट्रस्ट पर लगाया कब्जे का आरोप

इस विवाद की शुरुआत 24 अगस्त को हुई थी, जब बाबा नीब करौरी महाराज की पौत्री भावना रावत के पति मनोज रावत ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ठाकुर जी हनुमान ट्रस्ट ने बाबा की पैतृक धरोहर पर जबरन कब्जा कर लिया है। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की।

डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच कमेटी

शिकायत के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक अरविंद द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।

प्रशासन ने दोनों पक्षों को सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी किया था। इसी क्रम में तहसीलदार के माध्यम से बाबा की छह पौत्रियों ने अपना जवाब दाखिल किया।

संपत्ति नहीं बेची गई, न किसी ट्रस्ट को दान की गई: पौत्रियां

अपने जवाब में भावना रावत, सुनीला शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, रितु तिवारी और रिचा रावत ने कहा कि यह संपत्ति न तो कभी बेची गई और न ही किसी ट्रस्ट या व्यक्ति को दान की गई।

उन्होंने सरकारी अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा कि भूखंड संख्या 220 की घरौनी में आज भी बाबा नीब करौरी महाराज का नाम दर्ज है। वहीं, भूखंड संख्या 211 को बाबा की जन्मस्थली के रूप में दर्ज बताया गया है।

परिवार के नाम दर्ज हो अभिलेख, कब्जा दिलाने की मांग

बाबा की पौत्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि घरौनी अभिलेखों में परिवार के कानूनी वारिसों के नाम दर्ज किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने संपत्ति पर अपना कब्जा दिलाने की भी मांग की है।

फिलहाल प्रशासनिक जांच कमेटी दोनों पक्षों के दावों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पैतृक संपत्ति पर कानूनी अधिकार किसका होगा।

Location :  Firozabad

Published :  14 September 2026, 3:26 PM IST

Advertisement