69 हजार शिक्षक भर्ती: कटऑफ डेट तक BTC पास नहीं तो नियुक्ति का हक नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में चार अभ्यर्थियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि भर्ती की निर्धारित अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास जरूरी शैक्षिक योग्यता होना अनिवार्य है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 9 September 2026, 4:33 PM IST
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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में चार अभ्यर्थियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि भर्ती की निर्धारित अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास जरूरी शैक्षिक योग्यता होना अनिवार्य है। बाद में बैक पेपर पास करने से पिछली तारीख से पात्रता का दावा नहीं किया जा सकता।

यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने बलिया निवासी दिलीप कुमार यादव और तीन अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनाया।

22 दिसंबर 2018 तक BTC पास होना था जरूरी

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसंबर 2018 निर्धारित थी। भर्ती नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों के पास दो वर्षीय BTC प्रशिक्षण प्रमाणपत्र होना आवश्यक था।

याचिकाकर्ता उस समय BTC परीक्षा में सफल नहीं हुए थे। इसके बाद उन्होंने बैक पेपर दिया और अगस्त 2019 में उनका BTC प्रमाणपत्र जारी हुआ।

आवेदन से लेकर नियुक्ति तक मिली थी अनुमति

BTC प्रमाणपत्र जारी होने से पहले ही उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया था। उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला और चयन के बाद उन्हें बलिया में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति भी दे दी गई।

अभ्यर्थियों को लंबे समय तक वेतन भी मिलता रहा।

2025 में जांच के बाद खत्म हुई सेवा

साल 2025 में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने उनकी पात्रता की जांच की। जांच में सामने आया कि आवेदन की अंतिम तिथि तक उनके पास जरूरी BTC योग्यता नहीं थी।

इसके बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। अभ्यर्थियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

बाद में पास की गई परीक्षा से नहीं बनती पात्रता

हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि आवेदन स्वीकार होना, प्रवेश पत्र जारी होना, परीक्षा में सफल होना या बाद में नियुक्ति मिल जाना जरूरी योग्यता की कमी को पूरा नहीं कर सकता।

कोर्ट ने कहा कि भर्ती के लिए निर्णायक तारीख 22 दिसंबर 2018 थी और उस समय याचिकाकर्ता BTC में सफल नहीं थे।

लंबे समय तक नौकरी करने का तर्क भी नहीं माना

अदालत ने कहा कि केवल लंबे समय तक सेवा करने और वेतन प्राप्त करने के आधार पर ऐसी नियुक्ति को वैध नहीं ठहराया जा सकता।

कोर्ट के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित योग्यता और कटऑफ तिथि का पालन करना अनिवार्य है।

Location :  Prayagraj

Published :  9 September 2026, 4:33 PM IST

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