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बिहार में रफ्तार का नया युग (Img: Pinterest)
Patna: आने वाले सालों में बिहार में सड़क कनेक्टिविटी काफी बढ़ने वाली है। राज्य में पांच बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 80,000 करोड़ रुपये है। इनके पूरा होने पर न सिर्फ बिहार के अंदर बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल बॉर्डर तक यात्रा करना आसान हो जाएगा।
ये एक्सप्रेसवे पटना से पूर्णिया, बक्सर से भागलपुर और रक्सौल से हल्दिया पोर्ट जैसे रूट पर यात्रियों और सामान की आवाजाही को तेज करेंगे।
बिहार में अभी जो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट बन रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
इनमें से कुछ प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि बाकी जमीन अधिग्रहण, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने या शुरुआती कागजी कार्रवाई के चरण में हैं। सभी एक्सप्रेसवे चरणों में पूरे किए जाएंगे।
लगभग 336 किलोमीटर लंबा, छह-लेन वाला बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दक्षिण बिहार के लिए एक अहम सड़क प्रोजेक्ट है। बक्सर से शुरू होकर, यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका से गुजरते हुए भागलपुर पहुंचेगा। इस एक्सप्रेसवे को बक्सर में उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे बिहार और UP के बीच एक हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क बनेगा।
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अभी बक्सर से भागलपुर की यात्रा में लगभग 8 से 9 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद, इस दूरी को लगभग 4 से 5 घंटे में तय करने का लक्ष्य है। इस प्रोजेक्ट में सोन, पुनपुन, फल्गु और किउल जैसी नदियों पर बड़े पुल और एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
लगभग 190 किलोमीटर लंबे अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। यह चार-लेन वाला, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा। गया के अमास से शुरू होकर दरभंगा तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे NH-119D का हिस्सा बनेगा।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के बनने से राजधानी पटना और सीमांचल क्षेत्र के बीच यात्रा आसान हो जाएगी। वहीं, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे बिहार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जोड़ेगा। इससे व्यापार और नेपाल सीमा से आने वाले सामान के ट्रांसपोर्टेशन में तेजी आने की उम्मीद है।
इन एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में इंटरचेंज, पुल, अंडरपास और कनेक्टिंग सड़कों जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इससे न केवल बड़े शहरों बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों के लिए भी सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे रोजगार और व्यापार के नए मौके बन सकते हैं।
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गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। यह कॉरिडोर पूर्वी भारत के लिए एक अहम आर्थिक और ट्रांसपोर्ट रूट साबित हो सकता है।
Location : Patna
Published : 9 September 2026, 4:05 PM IST