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इन्हीं मां और बहन ने दिया महिला सिपाही प्रियंका को कंधा (Image: Social Media)
Kaushambi News: कौशांबी महिला थाने में ड्यूटी के दौरान राइफल से गोली लगने से जान गंवाने वाली महिला सिपाही प्रियंका यादव को बुधवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सिखड़ी गांव की रहने वाली 28 वर्षीय प्रियंका का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा, पूरा गांव गम में डूब गया। मां, बहन और परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार से माहौल बेहद भावुक हो गया। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और क्षेत्र के लोग शामिल हुए।
प्रियंका का शव बुधवार सुबह करीब चार बजे उनके पैतृक गांव सिखड़ी पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार और ग्रामीणों ने नम आंखों से प्रियंका को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गाजीपुर के गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शव घर पहुंचते ही मां प्रमिला यादव, बहन प्रीति और अन्य परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। भावुक कर देने वाले दृश्य के बीच मां और बहन ने प्रियंका के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और अंतिम यात्रा में गांव के बाहर तक साथ रहीं। पिता रविंद्र यादव भी बेटी को खोने के गम में टूट गए।
प्रियंका की अंतिम यात्रा के लिए जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया, उसे फूलों से सजाया गया था। वाहन पर प्रियंका की तस्वीर भी लगाई गई थी। जैसे ही अंतिम यात्रा गांव से निकली, रास्ते में बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए खड़े नजर आए। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा।
प्रियंका की बहन प्रीति ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही उनकी दीदी से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान प्रियंका काफी खुश थीं और उन्होंने किसी तरह की परेशानी या तनाव की बात नहीं बताई थी। मां प्रमिला यादव ने बताया कि पुलिस में भर्ती होने के बाद प्रियंका दो बार घर आई थीं। परिवार के मुताबिक, वह नौकरी के साथ आगे बड़े पद पर जाने की तैयारी भी कर रही थीं।
प्रियंका के पिता रविंद्र यादव ने बताया कि घटना के बाद परिवार के लोग कौशांबी पहुंचे थे। वहां उन्हें लैपटॉप पर सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया। परिवार का कहना है कि फुटेज में प्रियंका दो महिलाओं से बातचीत करती हुई और कंधे पर राइफल लेकर जाती हुई दिखाई दे रही हैं, लेकिन गोली चलने की घटना साफ नजर नहीं आ रही है। मां प्रमिला यादव ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी पूरी तरह खुश थी और उसे किसी तरह की चिंता नहीं थी। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि उनके कौशांबी पहुंचने से पहले ही प्रियंका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
प्रियंका के अंतिम संस्कार में उनके पिता रविंद्र यादव के सेना के समय के मित्र पंधारी सिंह कुशवाहा भी पहुंचे। उन्होंने राइफल से अचानक गोली चलने की घटना पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि राइफल से गोली चलने के लिए कई तकनीकी प्रक्रियाएं होती हैं और इसकी विशेषज्ञों से जांच जरूरी है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार लगातार घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
Location : Kaushambi
Published : 9 September 2026, 3:41 PM IST