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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली से भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और गौरव टिकैत सोमवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री और रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयन्त चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिन्दर सिंह भी मौजूद रहे। टिकैत परिवार की ओर से इस मुलाकात को फिलहाल शिष्टाचार भेंट बताया गया है।
जयन्त चौधरी के एनडीए में शामिल होने के बाद उनके और टिकैत परिवार के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चाएं लगातार होती रही हैं। हालांकि, भाजपा के साथ गठबंधन से पहले जयन्त चौधरी और टिकैत बंधुओं को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। विधानसभा चुनाव से पहले जयन्त चौधरी का सिसौली पहुंचना भी काफी चर्चा में रहा था। उस दौरान उन्होंने चौधरी नरेश टिकैत से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था।
एनडीए के साथ रालोद के जुड़ने के बाद दोनों पक्षों की ओर से कई बार बिना नाम लिए एक-दूसरे पर तंज कसे गए। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने जयन्त चौधरी की ओर इशारा करते हुए उन्हें 'हलवाई का ततैया' कहा था। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
नरेश टिकैत के बयान पर जयन्त चौधरी ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, 'मुझे मीठा पसंद नहीं है।' इसके बाद राकेश टिकैत ने मामले को ज्यादा तूल न देते हुए कहा था कि 'वे सब एक हैं।' इन बयानों के बाद दोनों पक्षों के राजनीतिक रिश्तों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे।
अब राकेश टिकैत और जयन्त चौधरी की आमने-सामने हुई मुलाकात ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। खासकर ऐसे समय में जब दोनों परिवारों के बीच पहले बयानबाजी सामने आ चुकी है, इस मुलाकात को लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर टिकैत परिवार ने किसी राजनीतिक चर्चा से इनकार किया है।
राकेश टिकैत के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिन्दर सिंह के साथ जयन्त चौधरी से यह मुलाकात शिष्टाचार के तौर पर हुई। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक बैठक के रूप में नहीं बताया है।
गौरव टिकैत ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री को अपने राज्य से जुड़े कुछ मुद्दों पर जयन्त चौधरी से बातचीत करनी थी। इसी सिलसिले में वे उनके साथ मिलने पहुंचे थे। गौरव टिकैत के अनुसार, मुलाकात के दौरान केवल सामाजिक विषयों पर बातचीत हुई और राजनीति या किसान आंदोलन से जुड़े किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।
फिलहाल टिकैत परिवार इसे सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बता रहा है, लेकिन जयन्त चौधरी और राकेश टिकैत की इस मुलाकात ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के रिश्तों को लेकर कोई नया राजनीतिक संकेत सामने आता है या नहीं।
Location : Muzaffarnagar
Published : 9 September 2026, 4:07 PM IST