हिंदी
जिला अस्पताल में बेबसी से जूझ रही कृष्णा देवी (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Bareilly: कहते हैं कि दौलत हो तो मुसीबत और न हो तो भी मुसीबत। बरेली के जिला अस्पताल में जिंदगी और बेबसी से जूझ रही एक वृद्ध महिला की कहानी कुछ ऐसी ही है, जहां उसकी जमीन-जायदाद ही अब उसकी सबसे बड़ी दुश्मन बन गई है। करीब 62 वर्षीय विधवा कृष्णा देवी आज अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी हुई हैं और रो-रोकर सिर्फ एक ही गुहार लगा रही हैं- "मुख्यमंत्री जी, मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है, मुझे बचा लो… मैं जीना चाहती हूं।"
बदायूं जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गुलड़िया गांव निवासी कृष्णा देवी के अनुसार उनकी कोई संतान नहीं है। करीब दो वर्ष पहले उनके पति राम सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद कुछ समय तक रिश्तेदारों ने उनका साथ दिया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी जमीन और संपत्ति पर सभी की नजरें टिक गईं।
कृष्णा देवी का आरोप है कि देवर, जेठ और अन्य रिश्तेदारों ने उन्हें मानसिक रोगी बताकर करीब पांच महीने पहले बरेली के एक वृद्ध आश्रम में भेज दिया। इसके बाद से वह पूरी तरह बेसहारा हो गईं।
Bareilly News: रामायण कार्यक्रम से घर लौट रही बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, दो नाबालिग हिरासत में
बरेली के लाल फाटक के पास स्थित वृद्ध आश्रम में रहने के दौरान करीब एक महीने पहले कृष्णा देवी अचानक गिर गईं, जिससे उनका कूल्हा टूट गया। हालत गंभीर होने पर आश्रम प्रबंधन ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनका इलाज बरेली में संभव नहीं है और उन्हें लखनऊ रेफर किया जाना चाहिए।
लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि कृष्णा देवी के साथ कोई अपना नहीं है, जो उनका इलाज करा सके या उन्हें लखनऊ ले जा सके। इसी कारण वह पिछले करीब एक महीने से जिला अस्पताल के बिस्तर पर ही पड़ी हुई हैं।
कृष्णा देवी की हालत इतनी खराब है कि वह खुद से उठ भी नहीं पा रही हैं। चलना-फिरना तो दूर, उन्हें बिस्तर पर ही शौच और अन्य नित्य क्रियाएं करनी पड़ रही हैं। मजबूरी में वह अपने हाथों से खुद को साफ करती हैं।
उनकी आंखों में दर्द, बेबसी और मदद की उम्मीद साफ दिखाई देती है। अस्पताल में जो भी व्यक्ति उनके पास पहुंचता है, वह उसे उम्मीद भरी नजरों से देखने लगती हैं, मानो कोई उनकी जिंदगी बचाने आ गया हो।
वृद्ध महिला का आरोप है कि रिश्तेदारों ने उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। अब कोई भी उनकी देखभाल करने के लिए आगे नहीं आ रहा। पति की मौत के बाद जिन लोगों को उन्होंने अपना समझा, वही लोग आज उन्हें अकेला छोड़ चुके हैं।
अब बेसहारा कृष्णा देवी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है। वह रोते हुए कहती हैं, “मुख्यमंत्री जी, मुझे बचा लो… मैं जीना चाहती हूं।” उनकी यह दर्दभरी पुकार हर सुनने वाले को भावुक कर रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस बेबस वृद्ध महिला की मदद के लिए आगे आते हैं या नहीं।
Location : Bareilly
Published : 29 May 2026, 7:12 PM IST