Bareilly: फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश, शिक्षक समेत 2 गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को संगठित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 7 May 2025, 7:32 PM IST
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लखनऊ: एसटीएफ ने फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 2 सदस्यों को बरेली से गिरफ्तार किया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान देव सिंह पुत्र महेन्द्रपाल सिंह निवासी ग्राम खेडा, थाना भमोरा जनपद बरेली और
रवि सिंह पुत्र महेन्द्रपाल सिंह निवासी ग्राम खेड़ा, थाना भमोरा जनपद बरेली के रुप में की है।

जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने आरोपियों से 2 लैपटाप, 3 मोबाईल फोन, 1 आधार कार्ड, 1 एटीएम कार्ड, 26 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, 4 मृत्यु प्रमाण पत्र और 2 दो हजार रूपये नकद बरामद किए हैं।

एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी दिलजीत इण्टरनेट कैफे कस्बा देवचरा थाना भमोरा जनपद बरेली से सांय 7 बजे की है।

जानकारी के अनुसार काफी दिनों से फर्जी वेबसाइट से नकली जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की खबरे आ रही थी।

साफ्टवेयर व पोर्टल के माध्यम से कूटरचित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने एवं इन्ही प्रमाण पत्रो के माध्यम से कूटरचित आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि तथा विभिन्न सरकारी योजनाओ का अनाधिकृत तरीके से लाभ, फर्जी बैनामा व वसीयत में प्रयोग किये जाने सम्बंधी सूचना प्राप्त हो रही थी।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 2 अभियुक्तों को बरेली से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त रवि सिंह व देव सिंह ने पूछताछ में बताया कि वे लोग साइबर कैफे चलाते है एवं देव सिंह रामभरोसे इण्टर कालेज में इतिहास का अध्यापक है। अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आनलाइन फर्जी जन्म/ मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य कर रहे है।

उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए वे लोग फेसबुक के माध्यम से फर्जी पोर्टल बनाने वाले से सम्पर्क कर फर्जी पोर्टल बनवाते है। फिर फेसबुक के माध्यम से विभिन्न ग्रुप में जुड़कर जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के विज्ञापन में अपना मोबाइल नम्बर प्रदर्शित करते है।

इच्छुक व्यक्ति व्हाट्सएप के माध्यम से हमसे जुड़ते है। हम लोग उन्हे पोर्टल का लिंक भेजते है जिस लिंक को खोलने पर रजिस्ट्रेशन हेतु मोबाइल नम्बर/ ईमेल माँगा जाता है, जिसके अगले पेज पर रिचार्ज वालेट आप्शन जाने पर एक क्यू आर कोड प्रदर्शित होता है, जिसको स्कैन करने पर सम्बंधित का 200 रूपये आनलाइन आहरित हो जाता है एवं उसके वैलेट में यह रिचार्ज प्रदर्शित होने लगता है।

उक्त सम्बंध में अभियुक्तों द्वारा प्रयोग किये जा रहे पोर्टल पर प्रदर्शित क्यूआर कोड के सम्बन्ध में जानकारी किये जाने पर लिंक बैंक खाते में विगत 03 वर्षों में 28 लाख से अधिक धनराशि का केडिट होना पाया गया, जिसे अभियुक्तो द्वारा अवैध रूप से जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर अर्जित किया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त रवि सिंह एवं देव सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में थाना भमोरा जनपद बरेली में मु०अ०सं०-205/2025 धारा 318(4), 319(2), 336 (3), 338 बी०एन०एस० व 73, 74, 66 सी एवं 66 डी में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 7 May 2025, 7:32 PM IST

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