पार्क पर कब्जा मंजूर नहीं; बरेली के प्रेमनगर में BDA की बड़ी कार्रवाई, विरोध के बीच ढहाई गौशाला

बरेली के प्रेमनगर में पार्क की सरकारी जमीन पर बनी कामधेनु गौशाला पर बीडीए ने कार्रवाई की। करीब 500 वर्ग गज सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई। भारी पुलिस और पीएसी बल की मौजूदगी में विरोध के बावजूद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 28 July 2026, 3:56 PM IST
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Bareilly: बरेली के प्रेम नगर इलाके के मंगलवार को मौलानगर में BDA की टीम कामधेनु गौशाला को गिराने पहुंचा। यह गौशाला सरकारी जमीन पर बनी थी जो पार्क के लिए तय की गई थी। गौशाला के समर्थकों ने इस कदम का विरोध किया और अधिकारियों से तीखी बहस की। हालांकि, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने स्थिति को बिगड़ने से रोका और तोड़ने की कार्रवाई जारी रही।

अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में कड़ी नजर

जैसे ही इस कार्रवाई की खबर फैली, मौलानगर और आस-पास के इलाके पुलिस छावनी में बदल गए। मौके पर प्रेम नगर पुलिस, PAC की एक कंपनी, सिटी सर्कल ऑफिसर (CO), मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में आवाजाही पर नजर रखी गई।

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शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू

स्थानीय लोगों ने मौलानगर में कामधेनु गौशाला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसका संबंध महामंडलेश्वर संजीव गौर से बताया जाता है और आरोप लगाया था कि इसे पार्क के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर बनाया गया था। आरोप था कि लगभग 500 वर्ग गज सार्वजनिक जमीन पर कब्जे के कारण स्थानीय निवासी बच्चों के पार्क और टहलने की जगह से वंचित रह गए। शिकायत के बाद हुई जांच ने तोड़ने की कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया।

PAC के जवान किए गए थे तैनात

इस कार्रवाई की तैयारी शुरू में 24 जुलाई को की गई थी; उस सुबह पुलिस और PAC के जवान तैनात किए गए थे, लेकिन किसी कारणवश BDA की टीम नहीं पहुंची। मंगलवार को टीम पूरी तैयारी के साथ पहुंची और सुरक्षा घेरे में तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।

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बुलडोजर के पहुंचते ही विरोध शुरू

जैसे ही अवैध निर्माण गिराया जाने लगा तो मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ देर तक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, भीड़ को पीछे हटाया और बिना किसी रुकावट के तोड़ने की कार्रवाई जारी रखी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गौशाला वाली ज़मीन वास्तव में पार्क के लिए आरक्षित थी। उनका आरोप है कि कब्जे के कारण इलाके के बच्चे और बुजुर्ग सार्वजनिक जगह से वंचित रह गए हैं।

Location :  Bareilly

Published :  28 July 2026, 3:56 PM IST

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