Gurugram Hit-and-Run Case: अपराधी की कोई जाति नहीं होती, पीड़िता सिया बोलीं- हादसे को जातिवाद का रंग देना पूरी तरह गलत

गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में पीड़िता सिया ने सोशल मीडिया पर चल रहे जातिवादी नरेटिव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह हादसा किसी के साथ भी हो सकता था और इसे जाति से जोड़ना गलत है। वहीं, उनके पिता ने भी कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, यह लड़ाई अपराध के खिलाफ है।

Updated : 18 September 2026, 3:01 PM IST
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Gurugram: गुरुग्राम के चर्चित गोल्फ कोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में पीड़िता सिया ने पूरे प्रकरण को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस गंभीर हादसे को कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर गलत दिशा में ले जाया जा रहा है और इसे जानबूझकर जातिवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से अनुचित है।

सोशल मीडिया पर नरेटिव बदलने की कोशिश गलत

पीड़िता सिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वर्तमान में सोशल मीडिया के माध्यम से इस केस का पूरा नरेटिव बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस दुखद घटना को किसी एक जाति विशेष के साथ जोड़ना बिल्कुल गलत है। सिया ने जोर देकर कहा कि वह कतई नहीं चाहती हैं कि इस मामले को जातिगत रंग दिया जाए, क्योंकि यह एक आपराधिक घटना है न कि किसी समुदाय विशेष की लड़ाई।

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हादसे को बताया किसी के साथ भी होने वाली दुर्घटना

घटना को याद करते हुए सिया ने कहा कि यह भयानक हादसा किसी के भी साथ हो सकता था। उन्होंने पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए बताया कि आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया जा चुका है। सिया ने न्यायपालिका पर अपना पूरा भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई कि अदालत इस मामले में ऐसा कड़ा फैसला लेगी जो एक नजीर बनेगा, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह से किसी की जान लेने की हिम्मत न कर सके।

पीड़ित पिता का बयान- अपराधी की कोई जाति नहीं होती

वहीं, दूसरी ओर आरोपी के समर्थन में बुलाई जा रही महापंचायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता के पिता रोशन चौहान ने भी तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सीधे तौर पर एक अपराध के खिलाफ है।

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रोशन चौहान ने तर्क दिया कि अपराधी किसी भी समुदाय या वर्ग से ताल्लुक रख सकता था; वह चाहे गुर्जर समुदाय का हो, राजपूत समुदाय का हो या फिर देश के किसी अन्य हिस्से से हो। एक अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने असमंजस जताते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर लोग किस मुद्दे के समर्थन में महापंचायत का आयोजन कर रहे हैं।

Location :  Gurugram

Published :  18 September 2026, 3:01 PM IST

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