Gurugram Hit and Run: आरोपी कल्याण बैंसला को दो दिन की पुलिस रिमांड, राइडर सिया को मारी थी टक्कर

Gurugram hit-and-run case में आरोपी कल्याण बैंसला को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। महिला बाइक राइडर सिया ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है और चारों आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने हादसे के बाद हुए मानसिक आघात का भी जिक्र किया।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 16 September 2026, 3:48 PM IST
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Gurugram: गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में आरोपी कल्याण बैंसला को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी के वकील ललित बिंदल ने बताया कि पुलिस की रिमांड अर्जी अदालत ने स्वीकार कर ली। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को होगी।

इस मामले में महिला बाइक राइडर सिया ने घटना को लेकर अपनी बात फिर सामने रखी है। सिया का कहना है कि दिनदहाड़े सड़क पर उन्हें रोकने और परेशान करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी गई, जिससे उनकी जान भी जा सकती थी।

गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं सिया

सिया ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी से उन्हें कोई खास संतुष्टि नहीं मिली है। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी प्रक्रिया का केवल पहला चरण है और सिर्फ गिरफ्तारी से मामला खत्म नहीं होता।

उन्होंने चारों युवकों की गिरफ्तारी की मांग की है। सिया का कहना है कि दोष साबित होने पर आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को लेकर एक स्पष्ट संदेश जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क पर किसी लड़की को परेशान करने से पहले लोगों में कानून का डर होना जरूरी है, चाहे वह कार में हों या बाइक पर। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।

घटना के बाद मानसिक आघात का जिक्र

सिया ने घटना के बाद होने वाले मानसिक असर की भी बात की। उनके अनुसार, सड़क पर यात्रा करते समय किसी व्यक्ति के साथ ऐसा गंभीर हादसा हो और उसे अपनी जान जाने का डर महसूस हो, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव व्यक्ति के मन में डर पैदा कर सकता है और सामान्य जीवन पर भी असर डाल सकता है।

बाइक पर लौटना भी मुश्किल लग रहा

सिया ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि घटना के बाद दोबारा बाइक लेकर सड़क पर निकलना उनके लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता कि यह दर्दनाक घटना उनके दिमाग से कब पूरी तरह निकल पाएगी।

उनके मुताबिक, इस घटना से पैदा हुआ मानसिक आघात लंबे समय तक बना रह सकता है। अब मामले में पुलिस रिमांड के दौरान जांच आगे बढ़ेगी और 18 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर भी नजर रहेगी।

Location :  Gurugram

Published :  16 September 2026, 3:48 PM IST

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