Balrampur: गुनाह किया तो बचना मुश्किल, दुष्कर्म के दो दोषियों को मिली ये सजा

बलरामपुर में न्याय व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैद पैरवी की एक बड़ी नजीर सामने आई है। स्थानीय अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो मुख्य दोषियों को 20-20 साल की सख्त कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, वारदात में मदद करने वाले तीसरे सहयोगी को भी 1 साल की जेल मिली है।

Balrampur:उत्तर प्रदेश में अपराधियों और मनचलों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बलरामपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्थानीय अदालत ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के करीब नौ साल पुराने एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो मुख्य आरोपियों को बीस-बीस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, वारदात में सहयोग करने वाले तीसरे आरोपी को एक वर्ष की जेल की सजा मिली है।

​ये था मामला

यह मामला जून 2017 का है, जब कोतवाली देहात क्षेत्र में एक बालिका के साथ दुष्कर्म की दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों घनश्याम, गोली उर्फ उमेश यादव और लहरी उर्फ बोस कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की जांच टीम ने निष्पक्षता से साक्ष्य जुटाए और त्वरित रूप से जांच पूरी कर मामला अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।

​अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन और शासकीय अधिवक्ताओं ने बेहद मजबूती से पैरवी की। वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और मजबूत तर्कों के आधार पर अदालत ने तीनों को कसूरवार पाया।

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​दोषियों को हुई ये सजा

विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी घनश्याम को बीस साल की सश्रम कैद और छह हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। वहीं, दूसरे मुख्य आरोपी गोली उर्फ उमेश यादव को भी बीस साल की कड़ी कैद के साथ पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी गई। तीसरे सहयोगी लहरी को महिला को अवैध रूप से रोकने और वारदात में मदद करने का दोषी पाते हुए एक साल की सजा सुनाई गई।

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​पुलिस का बयान

जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मॉनीटरिंग सेल लगातार मुकदमों की प्रभावी पैरवी कर रही है। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों को उनके अंजाम तक पहुंचाना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अदालत के इस कड़े फैसले से समाज में अपराधियों के बीच खौफ का माहौल है और आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

Location :  Balrampur

Published :  15 August 2026, 12:04 AM IST

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