1987 में बने सिपाही, 40 साल बाद दरोगा पद से विदाई: झांसी के समथर थाने में छलके पुलिसकर्मियों के आंसू, गाजे-बाजे से दी विदाई

सिपाही के पद से शुरू हुआ सफर उपनिरीक्षक तक पहुंचा। करीब 40 साल की पुलिस सेवा पूरी करने के बाद जब रामचंद्र ने समथर थाने से विदाई ली तो साथी पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गईं।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 29 September 2026, 9:04 PM IST
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Jhansi: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के समथर थाने में उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब करीब चार दशक तक पुलिस विभाग में सेवाएं देने वाले उपनिरीक्षक रामचंद्र सेवानिवृत्त हुए। वर्दी में लगभग 40 वर्षों का लंबा सफर पूरा करने के बाद जब उन्होंने थाने से विदाई ली तो साथी पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय लोगों की आंखें भी नम नजर आई।

1987 में सिपाही के पद से शुरू किया सफर

उपनिरीक्षक रामचंद्र ने 1 जनवरी 1987 को सिपाही के पद से पुलिस विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। लगातार जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने सिपाही से उपनिरीक्षक के पद तक का सफर तय किया। करीब चार दशक के सेवाकाल में उन्होंने 30 से अधिक थानों में ड्यूटी निभाई और अलग-अलग स्थानों पर पुलिस विभाग की जिम्मेदारियां संभालीं।

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समथर में एक साल का कार्यकाल रहा यादगार

समथर थाने में करीब एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान रामचंद्र के व्यवहार और कार्यशैली को पुलिस स्टाफ के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी सराहा। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर थाने में विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहां पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया।

स्मृति चिन्ह और रामायण भेंट कर किया सम्मान

विदाई समारोह के दौरान उपनिरीक्षक रामचंद्र को पट्टिका, स्मृति चिन्ह और रामायण भेंट की गई। सहकर्मियों ने उनके साथ काम करने के अनुभव साझा किए और उनके लंबे सेवाकाल को याद किया। इस दौरान उनके योगदान और विभाग के प्रति जिम्मेदारियों के निर्वहन की चर्चा भी हुई।

चार दशक की सेवा के बाद नम हुईं आंखें

करीब 40 वर्षों तक वर्दी पहनकर पुलिस विभाग और जनता की सेवा करने के बाद जब रामचंद्र अपने साथियों से विदा हुए तो थाने का माहौल भावुक हो गया। जिस परिसर में उन्होंने वर्षों तक ड्यूटी और जिम्मेदारियां निभाई, उसी जगह से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने जीवन के एक नए चरण की शुरुआत की।

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साथियों ने सुखद भविष्य की कामना की

साथी पुलिसकर्मियों ने उपनिरीक्षक रामचंद्र के स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सिपाही से उपनिरीक्षक तक का उनका सफर उनके लंबे पुलिस सेवाकाल की यादों के साथ समथर थाने में भी याद किया गया।

चार दशक की सेवा के बाद यह विदाई केवल एक पुलिसकर्मी की सेवानिवृत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की ड्यूटी, जिम्मेदारियों और साथियों के साथ बिताए समय का भावुक पड़ाव रही। सम्मान और शुभकामनाओं के बीच रामचंद्र समथर थाने से विदा हुए, पीछे रह गईं वर्दी में बिताए चार दशक की अनगिनत यादें।

Location :  Jhansi

Published :  29 September 2026, 9:04 PM IST

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