झांसी के किले का वो ‘रहस्यमयी गुप्त द्वार’, जिससे रणचंडी बनकर निकली थीं रानी लक्ष्मीबाई, 75 साल तक क्यों रहा बंद?
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देने वाली रानी लक्ष्मीबाई ने अप्रैल 1858 में रणनीतिक कारणों से झांसी छोड़ी थी। मध्यरात्रि में उनके प्रस्थान के बाद देशप्रेमियों ने किले का ‘भांडेरी गेट’ लोहे की कीलों से जाम कर दिया, जो ऐतिहासिक द्वार करीब 75 वर्षों तक बंद रहा।