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बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित HPCL प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। आरोपी अजय प्रताप सिंह की विधायक पुत्र, ब्लॉक प्रमुख और एक दरोगा के साथ कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
आरोपी अजय प्रताप के राजनीतिक कनेक्शन और दरोगा संग फोटो चर्चा में
Budaun: बदायूं जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित HPCL प्लांट-7 में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले को सबसे पहले प्रमुखता से डाइनामाइट न्यूज़ ने उठाया और खबर के बाद अब आरोपी के कई नए चेहरे और उसके प्रभावशाली संबंध उजागर होने लगे हैं।
मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें वह क्षेत्र के एक मौजूदा विधायक के सुपुत्र और ब्लॉक प्रमुख के साथ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा पुलिस विभाग के एक दरोगा के साथ भी उसकी तस्वीरें सामने आने के बाद पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें वह मौजूदा विधायक के पुत्र और ब्लॉक प्रमुख अतेंद्र विक्रम सिंह के साथ बैठकर बातचीत और मौज-मस्ती करता दिखाई दे रहा है। एक तस्वीर में आरोपी और ब्लॉक प्रमुख एक साथ बैठे हुए नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी फोटो में दोनों चार पहिया वाहन में सफर करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आरोपी के क्षेत्र के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से पुराने और करीबी संबंध रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हीं राजनीतिक संबंधों के चलते आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में दबंगई दिखाता रहा और HPCL प्लांट के आसपास अपना प्रभाव बनाए रखता था।
इस मामले में सिर्फ राजनीतिक कनेक्शन ही नहीं, बल्कि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस विभाग के दरोगा धर्मेंद्र कुमार के साथ भी देखा जा सकता है।
एक फोटो में आरोपी दरोगा के साथ खड़े होकर तस्वीर खिंचवाता नजर आ रहा है, जबकि दूसरी तस्वीर में वह दरोगा के साथ बैठकर बातचीत करता दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा शुरू हो गई है कि आरोपी को राजनीतिक संरक्षण के साथ-साथ पुलिस से भी अप्रत्यक्ष समर्थन मिलता रहा, जिसके चलते वह बेखौफ होकर क्षेत्र में अपनी दबंगई दिखाता था।
जानकारी के मुताबिक अजय प्रताप सिंह पहले से ही गैंगस्टर एक्ट का आरोपी रहा है। इसके बावजूद वह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और लोगों में भय का माहौल बनाए हुए था। गांव में उसकी मां के नाम से राशन डीलर की दुकान भी बताई जा रही है, जिसे वह खुद ही चलाता था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई करने से लोग और अधिकारी भी कतराते थे। इसी वजह से आरोपी क्षेत्र में खुलेआम अपना प्रभाव दिखाता रहा और HPCL प्लांट के आसपास भी अपनी दखल बनाए रखता था।
सूत्रों के मुताबिक HPCL प्लांट से जुड़े ठेकेदारों और कर्मचारियों ने पहले भी अजय प्रताप सिंह और उसके साथियों की गुंडागर्दी की शिकायत की थी। बताया जाता है कि एक बार जब HPCL के अधिकारी एक ठेकेदार की गाड़ी से बाहर निकले, तो आरोपी ने बाइक से लगभग पांच किलोमीटर तक उनका पीछा किया। इस दौरान उसने कई बार गाड़ी ओवरटेक की और बराबर चलकर धमकियां भी दीं। इसके अलावा जबरन प्लांट में घुसने, गाड़ियों को रोकने और ठेकेदारों को धमकाने जैसी कई घटनाओं की शिकायतें भी सामने आ चुकी थीं।
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HPCL प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड को डाइनामाइट न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया। खबर के बाद अब मामले में लगातार नए-नए खुलासे सामने आने लगे हैं। आरोपी की राजनीतिक और पुलिस से जुड़ी तस्वीरें वायरल होने के बाद इस पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।