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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला (img: google)
Ayodhya: में श्रद्धालुओं से मिले दान में कथित गड़बड़ी और करोड़ों रुपये के हेरफेर के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम पूरे मामले की जांच करेगी और 15 दिन के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। वहीं सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग किए जाने के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एसआईटी गठन के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष वित्त सचिव नीलरतन को शामिल किया गया है। यह टीम ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि में कथित गड़बड़ी की जांच करेगी।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब Akhilesh Yadav ने मंदिर को मिले दान में करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्रस्ट और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की थी। इन आरोपों के बाद मामला राजनीतिक रूप से गर्मा गया और दान राशि के प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले कहा था कि ट्रस्ट में आंतरिक ऑडिट लगातार चल रहा है और अब तक किसी वित्तीय गड़बड़ी का ठोस प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया था कि भारतीय स्टेट बैंक और ट्रस्ट के प्रतिनिधि नियमित रूप से ऑडिट कर रहे हैं। हालांकि बाद में ट्रस्ट ने सरकार से एसआईटी जांच की मांग की, जिसके बाद जांच दल का गठन किया गया।
सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा। मामले में अब तक करीब 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। यह रकम पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर बरामद हुई है। जांच एजेंसियां संदिग्धों के बैंक खाते, घर और अन्य ठिकानों की भी जांच कर रही हैं।
दान राशि में कथित गबन के मामले में पांच मुख्य नाम सामने आए हैं। इनमें लवकुश मिश्रा, अवनीश, अनुकल्प, करुण और रमाशंकर शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी दान राशि की गिनती के काम से जुड़े थे। सूत्रों का दावा है कि इनके खिलाफ कुछ पुख्ता सबूत भी मिले हैं। जांच के दौरान अवनीश के खाते से पांच लाख रुपये और कुछ जेवरात बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने शनिवार को रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में मंदिर कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर छापा मारा। इस दौरान वहां से 10 से 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में और कौन-कौन लोग सामने आते हैं और दान राशि में कथित गड़बड़ी की सच्चाई क्या निकलती है।
Location : Ayodhya
Published : 14 June 2026, 5:12 PM IST