अयोध्या चढ़ावा विवाद में नया मोड़, SIT की 140 पन्नों की रिपोर्ट से खुल सकते हैं राज

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT ने 140 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। जांच में जुटी टीम ने कई लोगों से पूछताछ की, रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पढ़िए पूरी खबर

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 21 June 2026, 7:05 PM IST
google-preferred

Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से जुड़े कथित गबन मामले में जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) की रिपोर्ट तैयार होने के बाद हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक लगभग 140 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसमें मामले से जुड़े तथ्यों, साक्ष्यों और पूछताछ के निष्कर्षों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कई लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

लखनऊ रवाना हुई SIT, अयोध्या में अब भी मौजूद टीम

जानकारी के अनुसार, एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य शनिवार देर रात अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। हालांकि जांच प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए टीम के करीब 20 सहयोगी सदस्य अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं और आवश्यक सूचनाएं एकत्र करने में जुटे हैं।

सूत्रों का दावा है कि रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है, जो आगे की कार्रवाई का आधार बन सकते हैं।

महासचिव से दोबारा पूछताछ, तीन घंटे चली प्रक्रिया

जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव से भी एक बार फिर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक चली इस पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई गई। एसआईटी ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, गणना कर्मियों और संदिग्ध व्यक्तियों से कई दौर की पूछताछ की है।

एफआईआर की तैयारी, कई नाम जांच के दायरे में

सूत्रों के मुताबिक जांच में दानपात्र की राशि में कथित अनियमितताओं और गबन से जुड़े कुछ अहम साक्ष्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में गणना कर्मियों, बैंक कर्मचारियों और कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की गई है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सेवादारों पर भी गिर सकती है गाज

जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता साबित होती है तो कुछ सेवादारों की सेवाएं समाप्त किए जाने की भी संभावना है। एसआईटी की रिपोर्ट में जिम्मेदारियों और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं का भी उल्लेख किया गया है।

मुख्यमंत्री को सौंपी जा सकती है रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार एसआईटी सोमवार को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप सकती है। इसके बाद रिपोर्ट का अध्ययन कर दोषियों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था, जबकि टीम 15 जून से अयोध्या में जांच कर रही थी।

क्या है  पूरा मामला?

राम मंदिर के दानपात्र में जमा चढ़ावे की राशि के कथित गबन को लेकर विवाद सामने आया था। आरोपों के बाद गठित एसआईटी ने पिछले कई दिनों तक दस्तावेजों की जांच, सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण और संबंधित लोगों से पूछताछ कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। अब सभी की निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Location :  Ayodhya

Published :  21 June 2026, 7:05 PM IST

Advertisement