इनकम टैक्स की रडार पर फिर आजम खान का परिवार, जौहर ट्रस्ट से मांगे कई अहम जवाब

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने वित्तीय विसंगतियों और जमीन आवंटन शर्तों के उल्लंघन को लेकर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर 23 जून को तलब किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर ट्रस्ट का पंजीकरण भी निरस्त हो सकता है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 21 June 2026, 7:14 PM IST
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Rampur: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके परिवार से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। आयकर विभाग ने ट्रस्ट को विस्तृत नोटिस जारी करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जवाब मांगा है। विभाग ने ट्रस्ट को 23 जून को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि इस सुनवाई का असर ट्रस्ट की कानूनी स्थिति पर भी पड़ सकता है।

ट्रस्ट की गतिविधियों पर उठे सवाल

आयकर विभाग द्वारा जारी नोटिस में ट्रस्ट के कार्यों और उसके घोषित उद्देश्यों के बीच कथित अंतर को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। विभाग का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और विभिन्न रिपोर्टों के अध्ययन के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जांच आवश्यक है। इसी क्रम में ट्रस्ट से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का ब्योरा मांगा गया है।

जमीन आवंटन और शर्तों के पालन की जांच

नोटिस में जौहर यूनिवर्सिटी के लिए अधिग्रहित भूमि का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल है। विभाग ने अदालत के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए पूछा है कि विश्वविद्यालय के लिए मिली अतिरिक्त भूमि के उपयोग में तय शर्तों का कितना पालन किया गया। साथ ही भूमि उपयोग, सार्वजनिक हित और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।

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मस्जिद निर्माण और रिकॉर्ड में कथित विसंगतियां

ट्रस्ट परिसर में बने धार्मिक ढांचे को लेकर भी आयकर विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग का कहना है कि उपलब्ध अभिलेखों और ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी में कुछ अंतर दिखाई दे रहे हैं। इसी वजह से संबंधित दस्तावेज और तथ्य पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

संचालन व्यवस्था और वित्तीय मामलों की पड़ताल

नोटिस में ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना, ट्रस्टियों की भूमिका, निर्माण कार्यों में खर्च, कथित अघोषित निवेश, सरकारी धन के उपयोग तथा फंड के संभावित डायवर्जन जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। विभाग ने इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेजी प्रमाणों के साथ जवाब तलब किया है।

पंजीकरण पर भी मंडरा सकता है संकट

आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई के दौरान प्राप्त जवाब और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि विभाग ट्रस्ट की दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ तो आयकर अधिनियम के तहत उसके पंजीकरण को निरस्त करने पर भी विचार किया जा सकता है। ऐसे में 23 जून की सुनवाई जौहर ट्रस्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Location :  Rampur

Published :  21 June 2026, 7:14 PM IST

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