Balrampur News: समूह सखियों ने मानदेय और स्थायी नियुक्ति के लिए किया प्रदर्शन

ग्रामीण विकास कार्यों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी अधर में लटकी हुई मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। मानदेय, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 18 June 2026, 4:39 PM IST
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Balrampur: बलरामपुर जिले में ग्रामीण विकास कार्यों से जुड़ी समूह सखियों का लंबे समय से चला आ रहा असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर सड़कों पर उतरीं और अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचीं समूह सखियों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की। उनका कहना था कि कई बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

गांव-गांव योजनाएं पहुंचाने का दावा

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाने, लाभार्थियों का डेटा तैयार करने, डिजिटल कार्यों को पूरा करने और विभागीय कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने जैसी जिम्मेदारियां भी निभाती हैं।

महिलाओं का कहना है कि ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य उनके माध्यम से ही पूरे होते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है।

मानदेय में देरी से बढ़ रही आर्थिक परेशानी

समूह सखियों ने आरोप लगाया कि उनका मानदेय कई-कई महीनों तक लंबित रहता है। समय पर भुगतान न होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि वे पूरी जिम्मेदारी से काम करती हैं, लेकिन भुगतान में लगातार देरी होने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

यात्रा खर्च खुद उठाने को मजबूर

महिलाओं ने बताया कि गांवों में फील्ड कार्य करने के दौरान उन्हें यात्रा भत्ता नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें अपने निजी खर्च से यात्रा करनी पड़ती है। लगातार बढ़ते खर्च और सीमित आय के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।

क्या हैं सखियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपनी कई प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। इनमें डिजिटल कार्यों के लिए मोबाइल फोन और मासिक रिचार्ज सुविधा उपलब्ध कराना, हर महीने समय पर मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना, वर्तमान मानदेय में बढ़ोतरी कर उसे 15,224 रुपये प्रतिमाह करना और लंबे समय से कार्यरत समूह सखियों को स्थायी नियुक्ति देना शामिल है।

सम्मान और अधिकार की लड़ाई

समूह सखियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल आर्थिक मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान और अधिकारों की लड़ाई भी है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिली है, जिससे भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती है।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेजी की आशंका

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

समर्थन में पहुंचे जनप्रतिनिधि

प्रदर्शन के दौरान कई स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी समूह सखियों के समर्थन में नजर आए। उन्होंने महिलाओं की मांगों को जायज बताते हुए प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की।

Location :  Balrampur

Published :  18 June 2026, 4:37 PM IST

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