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अतुल वत्स, डीएम हाथरस (IMG: Dynam ite News)
Hathras: ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और गांवों में रोजगार के साथ स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए हाथरस में सोमवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन में नई विकसित भारत रोज़गार गारंटी योजना (VB-G RAM G) की विस्तृत जानकारी दी गई। सम्मेलन में बताया गया कि अब योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण और मजदूरों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा भी है।
सोमवार को हाथरस कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत रोज़गार गारंटी योजना (VB-G RAM G) के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य नई योजना के प्रावधानों से पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत कराना और उन्हें गांव स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति समझाना था।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि नई योजना पारंपरिक रोजगार गारंटी योजनाओं से आगे बढ़कर ग्रामीणों की स्थायी आजीविका को मजबूत करने पर केंद्रित है। उनका कहना था कि गांवों में ऐसे विकास कार्य कराए जाएंगे, जिनका लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिलता रहे। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि नई योजना के तहत अब लगभग 350 प्रकार के विकास कार्य कराए जा सकेंगे। इससे ग्राम पंचायतों को अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य चुनने में अधिक सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से गांवों में सड़क, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों और अन्य विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास संभव होगा।
नई योजना में मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए मजदूरी भुगतान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी श्रमिक को निर्धारित समय सीमा के भीतर मजदूरी नहीं मिलती है तो नियमानुसार उसे मुआवजा भी दिया जाएगा।
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सम्मेलन में यह भी बताया गया कि कृषि कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए योजना में 20 दिनों की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। इससे किसान और श्रमिक दोनों अपनी जरूरतों के अनुसार कार्यों का बेहतर समन्वय कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कृषि गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की जरूरतों का अलग-अलग आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर 'विकास बुकलेट' तैयार की जाएगी, जिसमें संबंधित पंचायत की प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्यों का चयन होगा।
सम्मेलन के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि योजना का लाभ हर पात्र ग्रामीण तक पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही योजना का उद्देश्य सफल हो सकेगा।
Location : Hathras
Published : 3 August 2026, 2:52 PM IST