सावन की पहली सोमवारी बनी आखिरी यात्रा… बाबा के दर्शन के बाद घर नहीं लौट सके श्रद्धालु, आखिर ऐसा क्या हुआ?

सावन की पहली सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक कर लौट रहे एक श्रद्धालु के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। मंदिर में पूजा, स्नान और भोजन तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन घर लौटते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 3 August 2026, 2:33 PM IST
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Bagaha: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सावन की पहली सोमवारी पर वाल्मीकिनगर स्थित प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक कर लौट रहे एक श्रद्धालु की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिवार और साथ चल रहे श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।

परिवार के साथ पहुंचे थे बाबा के दरबार

मृतक की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के सिकटा थाना क्षेत्र के सिकटा गांव निवासी 70 वर्षीय रामजी ठाकुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वे हर साल सावन के महीने में शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जाते थे। इस बार भी पहली सोमवारी के मौके पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जटाशंकर धाम पहुंचे थे। वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पवित्र स्थल पर स्नान भी किया।

अचानक बदली स्थिति

परिजनों ने बताया कि मंदिर परिसर में पूजा-पाठ, स्नान और भोजन के दौरान रामजी ठाकुर पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे थे। किसी भी तरह की परेशानी की शिकायत उन्होंने नहीं की थी। दर्शन के बाद सभी लोग बस से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उनकी हालत गंभीर हो गई और वे बस में ही अचेत हो गए। इससे बस में मौजूद परिवार और अन्य श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।

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अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

घटना के तुरंत बाद बस को रोककर उन्हें इलाज के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. रामप्रवेश भारती ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर की यह सूचना मिलते ही परिजनों की चीख-पुकार से अस्पताल परिसर गूंज उठा। सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी अस्पताल पहुंच गए।

गांव में पसरा मातम

रामजी ठाकुर के निधन की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और हर साल सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए जरूर जाते थे। इस बार भी पूरे उत्साह के साथ परिवार के साथ यात्रा पर निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी। फिलहाल परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा है और गांव में गम का माहौल बना हुआ है।

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सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़

सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर जटाशंकर धाम में हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। श्रद्धालु की अचानक हुई मौत से परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी गहरा दुख है।

Location :  Bagaha

Published :  3 August 2026, 2:33 PM IST

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