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मुन्ना दास मामले में जुटी भीड़ (Img: Dynamite News)
West Champaran: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा पुलिस जिला क्षेत्र में हुए भैरोगंज गोलीकांड के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। घटना में घायल उप मुखिया और वार्ड सदस्य पति के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने एसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षा की मांग करने वाले मुखिया पति और उनके चालक को ही मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भैरोगंज थाना क्षेत्र के कपरधिक्का में 2 सितंबर की शाम गोलीबारी की घटना हुई थी। इसमें उप मुखिया अशोक दास और वार्ड सदस्य पति राधेश्याम राम के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को इलाज के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें जीएमसीएच, बेतिया रेफर किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।
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घटना के बाद मुखिया पति मुन्ना दास के घर कुछ लोगों के पहुंचने और तोड़फोड़ किए जाने का दावा किया गया। मुन्ना दास की ओर से कहा गया कि गोलीबारी के समय वह गांव स्थित अपने घर पर मौजूद थे। इसके बाद मुखिया पक्ष ने भैरोगंज थानाध्यक्ष से सुरक्षा की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने मुन्ना दास और उनके चालक संदीप यादव को गोलीकांड में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
घटना को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत कर मामले की जांच की मांग उठाई। मुखिया संतरा देवी और भाजपा नेता श्रवण दास के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बगहा एसपी और एसडीपीओ से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक भी अपनी मांग पहुंचाने और उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की है।
मुखिया पक्ष और ग्रामीणों की ओर से घायलों के बयानों में कथित बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग बयानों की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे कौन लोग थे। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी तीसरे व्यक्ति ने गोलीकांड को अंजाम देकर मुन्ना दास और संदीप यादव को मामले में फंसाने की कोशिश की हो सकती है। यह फिलहाल ग्रामीणों का आरोप और दावा है, जिसकी जांच पुलिस को करनी है।
भाजपा नेता श्रवण दास ने भी भैरोगंज थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने पंचायत चुनाव के समय राजनीतिक साजिश की आशंका जताई और कहा कि गोलीकांड के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने मुन्ना दास और संदीप यादव को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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अब मामले में पुलिस की जांच अहम मानी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि घटनास्थल के CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), ग्रामीणों के बयान और घायलों के अलग-अलग बयानों की जांच से स्थिति साफ हो सकती है। मुन्ना दास के जेल जाने के बाद उनके परिवार की परेशानी बढ़ने की बात भी सामने आई है। परिजनों के मुताबिक घर में बुजुर्ग मां, पत्नी और छोटे बच्चे हैं। परिवार ने भी निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोलीकांड की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में किसकी भूमिका थी।
Location : West Champaran
Published : 16 September 2026, 7:05 PM IST
Topics : Bagaha News Bhaironganj Firing Case Bihar Police Investigation Bihar News West Champaran News