सहज योग: आत्मसाक्षात्कार से तनावमुक्त जीवन की ओर, सुलतानपुर में मेगा स्कूल अभियान और मेडिकल कॉलेज में विशेष व्याख्यान

सुलतानपुर में सहज योग ट्रस्ट और शिक्षा विभाग के संयुक्त अभियान के तहत हजारों विद्यार्थियों और मेडिकल छात्रों को आत्मसाक्षात्कार व ध्यान का प्रशिक्षण दिया गया। क्या तनावमुक्त जीवन और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में यह पहल नई मिसाल बनेगी? जानिए कार्यक्रम की खास बातें।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 3 August 2026, 1:26 PM IST
google-preferred

Sultanpur: आज की भागदौड़, तनाव और मानसिक दबाव से भरे जीवन में आंतरिक शांति, संतुलन और आत्मबोध की दिशा में सहज योग एक प्रभावी साधना पद्धति के रूप में उभर रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर सुलतानपुर जिले में सहज योग ट्रस्ट एवं उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय मेगा स्कूल आत्मसाक्षात्कार कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए सहज योग ट्रस्ट के साधकों की लगभग 25 टीमों ने जिले के अनेक विद्यालयों में पहुंचकर हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को आत्मसाक्षात्कार और ध्यान की विधि से परिचित कराया।

विद्यालयों में कराया गया आत्मसाक्षात्कार और ध्यान का अभ्यास

कार्यक्रम के दौरान सहज योग के माध्यम से आत्मसाक्षात्कार की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। सहज योग के अनुसार प्रत्येक मनुष्य के भीतर जन्मजात रूप से विद्यमान कुंडलिनी शक्ति आत्मसाक्षात्कार के माध्यम से जागृत होकर व्यक्ति को सर्वव्यापी दिव्य चेतना से जोड़ती है। इस अनुभव के दौरान साधक को हाथों और सिर के शीर्ष पर शीतल चैतन्य लहरियों का अनुभव होता है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति विचार-शून्य चेतना, मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक आनंद की अनुभूति करता है।

Sultanpur: पटेला में युवक को रोककर मारपीट, सोशल मीडिया पर फैला कट्टे का झूठ; जानिए क्या है पूरा मामला?

क्या है सहज योग?

सहज योग की स्थापना परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने वर्ष 1970 में की थी। यह संस्कृत के दो शब्दों—‘सह’ और ‘ज’—से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है जन्म से प्राप्त ईश्वर से सहज मिलन। यह ध्यान की एक प्राकृतिक, सरल और पूर्णतः निःशुल्क विधि है, जिसमें किसी जटिल सिद्धांत या कर्मकांड की आवश्यकता नहीं होती।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और विचार (IMG: Dynamite News)

कार्यक्रम के अंतर्गत रामलखन मैरिज प्वाइंट, महुअरिया रोड पर आयोजित सामूहिक आत्मसाक्षात्कार एवं मेडिकल सेमिनार में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. जे.पी. सिंह ने भी सहभागिता करते हुए सहज योग और चिकित्सा विज्ञान के पारस्परिक संबंधों पर विचार साझा किए।

मेडिकल कॉलेज में 'Meditation in Medicine' पर विशेष व्याख्यान

इसी क्रम में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, सुलतानपुर में "चिकित्सा में ध्यान (Meditation in Medicine): आंतरिक शांति के लिए एक चिकित्सक की मार्गदर्शिका" विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता फोर्टिस अस्पताल, मुंबई के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्षवर्धन घोरपड़े ने मेडिकल छात्रों को निर्देशित ध्यान का अभ्यास कराते हुए बताया कि ध्यान और आत्मसाक्षात्कार तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा चिकित्सकीय जीवन में मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने कुण्डलिनी जागरण के वैज्ञानिक पक्ष और सहज योग के वैश्विक प्रसार पर भी प्रकाश डाला।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और विचार

व्याख्यान में नवी मुंबई के वरिष्ठ होम्योपैथ डॉ. आलोक कुमार, ग्रेटर मुंबई के वरिष्ठ बीमा सलाहकार श्री जितेंद्र पठारे तथा एंटवर्प विश्वविद्यालय के नीति शोधकर्ता एवं हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कानून में पीएचडी प्राप्त डॉ. निन्के कुमार ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने बताया कि सहज योग आज विश्व के अनेक देशों में लाखों लोगों के लिए मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविकास और संतुलित जीवन का माध्यम बन चुका है।

मेडिकल कॉलेज में ध्यान और आत्मसाक्षात्कार (IMG: Dynamite News)

इस कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्रो. डॉ. आशीष बनर्जी, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. राजीव, डॉ. अनीता, डॉ. शिवांगी, डॉ. प्रतिभा, डॉ. पायल सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथि परिचय डॉ. पवन ने किया।

विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नियमित ध्यान सत्र चलाने का लिया संकल्प

मेगा स्कूल अभियान के समापन पर जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने सहज योग टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयों में नियमित ध्यान एवं आत्मसाक्षात्कार सत्र आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।

"सहज योग आज का महायोग" की अवधारणा को साकार करते हुए यह अभियान केवल आध्यात्मिक जागरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी ध्यान और आत्मसाक्षात्कार की उपयोगिता को स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हुआ।

Location :  Sultanpur

Published :  3 August 2026, 1:26 PM IST

Advertisement