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डॉक्टरों की सूझबूझ से बची मरीज की जान (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज (एएसएमसी) ने चिकित्सा जगत में एक और बड़ी और गौरवशाली सफलता अपने नाम कर ली है। संस्थान के जनरल सर्जरी विभाग ने इतिहास में पहली बार 'टोटल थायरॉयडेक्टॉमी' (Total Thyroidectomy) यानी थायरॉयड ग्रंथि को पूरी तरह बाहर निकालने की एक बेहद जटिल और जोखिम भरी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही संस्थान ने अपनी उन्नत सर्जिकल क्षमताओं और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं का लोहा मनवाया है।
यह चुनौतीपूर्ण और जटिल शल्यक्रिया बीते 24 जुलाई 2026 को संपन्न हुई। पीड़ित मरीज पुष्पा लंबे समय से गले में एक विशालकाय समस्या से जूझ रही थीं। जांच में उन्हें लगभग 10 गुणा 14 सेंटीमीटर आकार के विशाल 'मल्टीनोड्यूलर गॉयटर' (Multi-nodular Goitre) से ग्रसित पाया गया, जिसके लिए इस बड़े ऑपरेशन के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था। आकार में अत्यधिक बड़े इस ट्यूमर के कारण सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और नसों के क्षतिग्रस्त होने का भारी जोखिम था।
इस ऐतिहासिक सर्जरी की कमान जनरल सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डॉ सुकेश ने संभाली। उनके साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ अभिषेक कन्नौजिया ने ऑपरेशन में महत्वपूर्ण और सक्रिय सहयोग दिया। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने में एनेस्थीसिया टीम का योगदान भी बेहद अहम रहा, जिसमें सहायक आचार्य डॉ दीपिका और सीनियर रेजिडेंट डॉ अख्तर ने अपनी कुशलता का परिचय दिया। सर्जिकल टीम की कड़ी सतर्कता, सटीक तकनीकी कौशल और सर्जिकल आईसीयू की सतत निगरानी के चलते यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। इसके अलावा, ऑपरेशन थिएटर, एनेस्थीसिया तकनीकी टीम और वार्ड के अन्य नर्सिंग स्टाफ ने भी इस मिशन को कामयाब बनाने में पूरा सहयोग दिया।
आमतौर पर इतने बड़े आकार के ट्यूमर और संवेदनशील अंग की सर्जरी के बाद मरीजों को ठीक होने में लंबा समय लगता है और कई तरह की जटिलताएं सामने आती हैं। लेकिन एएसएमसी सुल्तानपुर की टीम की दक्षता के कारण मरीज पुष्पा को किसी भी प्रकार की गंभीर जटिलता का सामना नहीं करना पड़ा। ऑपरेशन के बाद रिकवरी बेहद तेज और संतोषजनक रही। नतीजतन, सर्जरी के महज सात दिनों के भीतर ही मरीज को पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया, जिससे उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
सर्जिकल टीम ने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रियंक, पूर्व प्राचार्य डॉ सलील श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ अविनाश गुप्ता तथा सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ अनुज जैन के निरंतर मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग को दिया है।
Location : Sultanpur
Published : 3 August 2026, 1:24 PM IST