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आकाश आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी (IMG: Dynamite News)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अभी से हलचल तेज होने लगी है। सपा, भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तैयारियों के साथ अब बसपा ने भी अपना चुनावी रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने चुनावी तैयारियों के बीच अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी की योजना के मुताबिक आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। पार्टी ने इस काम में आकाश आनंद को अहम भूमिका दी है। वह अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन की स्थिति का फीडबैक लेंगे। 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद से अभियान शुरू करने के पीछे भी राजनीतिक संदेश देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश बसपा के पारंपरिक प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से काफी पहले यहां अपने संगठन को दोबारा सक्रिय किया जाए।
बसपा की चुनावी रणनीति में इस बार युवाओं को खास महत्व दिया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि आकाश आनंद युवा मतदाताओं के बीच ज्यादा प्रभावी तरीके से पार्टी का संदेश पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही बसपा अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक को भी मजबूत करने की कोशिश में है। पश्चिमी यूपी में जाटव और अन्य दलित मतदाताओं के बीच पार्टी का लंबे समय से आधार रहा है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में बसपा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है।
बसपा ने चुनावी अभियान की शुरुआत के लिए हाथरस के सादाबाद विधानसभा क्षेत्र को चुना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाथरस और आसपास के इलाकों की अपनी अहमियत है। यह क्षेत्र लंबे समय से जातीय और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। यहां दलित, पिछड़े और जाट मतदाताओं की मौजूदगी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती है।
बसपा की रणनीति केवल बड़ी जनसभाओं तक सीमित रहने वाली नहीं है। पार्टी अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए सेक्टर प्रभारी, जिला अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी और बूथ कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें करने की तैयारी है। पार्टी की कोशिश है कि हर विधानसभा क्षेत्र में संगठन का ढांचा चुनाव से पहले पूरी तरह सक्रिय हो जाए।
बसपा प्रमुख मायावती भी आने वाले महीनों में संगठन की तैयारियों की नियमित समीक्षा करेंगी। राष्ट्रीय समन्वयकों और प्रदेश पदाधिकारियों से अलग-अलग क्षेत्रों की रिपोर्ट ली जाएगी। जिन विधानसभा क्षेत्रों में संगठन कमजोर पाया जाएगा, वहां पार्टी विशेष अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश करेगी। बसपा की रणनीति में घर-घर संपर्क अभियान को भी अहम माना जा रहा है।
Location : Lucknow
Published : 29 July 2026, 4:43 PM IST