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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी, भाजपा सरकार और साधु-संतों के खिलाफ जमकर हमला किया है। उन्होंने इन सब पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद आशुतोष ब्रह्मचारी सहित साधु-संतों पर बरसे
Varanasi: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। बुधवार 25 फरवरी को दोनों ने मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे पर तीखे प्रहार किये। जहां एक ओर आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि नाबालिग बच्चों के मेडिकल में उनके साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हो गई है, वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जो शिकायतकर्ता हैं, वे हर जगह पुलिस के साथ हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार को केदारघाट स्थित विद्या मठ पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो शिकायतकर्ता हैं, वे हर जगह पुलिस के साथ हैं। आखिर ऐसी कौन सी जांच होती है, जिसमें शिकायकर्ता को साथ में रखा जाता है। शंकराचार्य ने कहा है कि पुलिस की हर जांच के साथ हिस्ट्रीशीटर शिकायतकर्ता मौजूद हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी के सोशल मीडिया पोस्ट को दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी के साथ जो फोटो थी, वह उनके पोस्ट के माध्यम से प्रमाणित होती है, AI नहीं है। मुख्यमंत्री भी अहिल्याबाई मूर्ति के मामले में AI जेनरेटेड होने का जिक्र करते हैं, पुलिस अधिकारी के साथ फोटो खुद इन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड की थी।
शंकराचार्य ने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने जो आरोप लगाया है, जैसे ही वो झूठा सिद्ध होगा तो उन पर मुकदमा होगा। उन्होंने यह भी कहा है कि आज जो साधु-संत इस मामले में नहीं बोल पा रहे हैं, वे डरे हुए हैं। जब काल्पनिक कहानी बनानी ही है, तो कुछ भी बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में अपराधी राज करते हुए नजर आ रहे हैं और वही जांच भी कर रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार को लेकर कहा है कि हमने हर सरकार में सनातन विरोधी कार्यों के लिए आवाज उठाई है। साथ ही हमने आंदोलन भी किया है और इस बार भी आवाज उठाई है, पिछली सरकार ने तो देर-सवेर सुना भी था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने हमारी आवाज नहीं सुनी है, बल्कि कुचलने की कोशिश की है। इसके साथ ही शंकराचार्य ने कहा है कि इनका स्वभाव ही अहंकार है, हमारे 4 मठ गिरा दोगे तो हम धर्म के लिए आवाज उठाएंगे।