अब नहीं परेशान करेगा तेज हॉर्न का आतंक! आनंदनगर में अचानक छापेमारी से बाइक सवारों में मची खलबली

महराजगंज में एआरटीओ मनोज सिंह ने फरेंदा-आनंदनगर क्षेत्र में बाइक गैराज, डेकोरेशन शोरूम और मोटरसाइकिल शोरूम की जांच कर मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री पर कार्रवाई की चेतावनी दी। नियम तोड़ने वालों पर जेल, जुर्माना और लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई होगी।

Maharajganj:  महराजगंज जनपद में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज सिंह ने फरेंदा-आनंदनगर क्षेत्र में विभिन्न मोटरसाइकिल गैराज, डेकोरेशन शोरूम और बाइक शोरूम का औचक निरीक्षण किया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों में मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री और फिटिंग की जांच की। हालांकि जांच में किसी भी दुकान पर मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं मिला। इसके बावजूद एआरटीओ ने दुकानदारों और गैराज संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर किसी वाहन में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण लगाए गए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस धारा के तहत हो सकती है कार्रवाई

एआरटीओ मनोज सिंह ने बताया कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (4) के तहत वाहन में अनधिकृत परिवर्तन करने वाले वाहन स्वामी को छह माह तक की जेल, पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे वाहन को सार्वजनिक स्थान पर चलाता है, जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन होता है, तो उसके खिलाफ धारा 190 (2) के तहत कार्रवाई होगी। इस धारा के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर तीन माह तक की जेल, दस हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। साथ ही तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

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एक लाख रुपये तक का लग सकता है जुर्माना

परिवहन विभाग ने इससे पहले 17 अप्रैल को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय परिसर में सभी डीलरों, गैराज संचालकों और वर्कशॉप मालिकों के साथ बैठक भी की थी। बैठक में उन्हें बताया गया कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर की बिक्री या फिटिंग करने वाले गैराज संचालकों पर धारा 182ए (3) के तहत प्रति उपकरण एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा जिन वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर या ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण लगे पाए जाएंगे और जिनका चालान होगा, उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 53 (1) के तहत आरसी निलंबन की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

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परिवहन विभाग ने जनपद के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर जैसे उपकरण न लगाएं, वरना उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Maharajganj

Published :  19 April 2026, 10:52 AM IST

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