पंचायत चुनाव से पहले छवि खराब करने की कोशिश? गोरखपुर में गरमाया मामला, शिवदयाल गुप्ता पर साजिश के आरोप

गोरखपुर के गगहा क्षेत्र में जमीन विवाद ने पंचायत चुनाव से पहले राजनीतिक रूप ले लिया है। शिवाजी चंद ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी गई जमीन को विवादित बताकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। मामला तहसील कोर्ट में विचाराधीन है।

Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के गगहा थाना क्षेत्र में एक जमीन विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। पंचायत चुनाव से ठीक पहले उठे इस मामले ने इलाके में हलचल मचा दी है। गगहा निवासी शिवाजी चंद ने आरोप लगाया है कि उनकी विधिवत खरीदी गई जमीन को जानबूझकर विवादित बताया जा रहा है, ताकि उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

क्या है पूरा मामला?

शिवाजी चंद का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2004 और 2014 में तारकेश्वर गुप्ता एवं उनके वारिसानों से आराजी संख्या 762 और 821 मौजा माझ्या तप्पा अठैसी, परगना घुरियापार, तहसील बांसगांव जिला गोरखपुर की भूमि का विधिवत रजिस्ट्री बैनामा कराया था। बैनामे के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर वे जमीन पर कब्जे में हैं। उनका दावा है कि संबंधित भूमि से शिवदयाल गुप्ता का कोई वैधानिक संबंध नहीं है, फिर भी वे लगातार आपत्तियां दर्ज कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

अंतिम निर्णय आने से पहले विवाद को तूल देना गलत

प्रार्थी का आरोप है कि पंचायत चुनाव को देखते हुए विरोधी पक्ष सुनियोजित तरीके से उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने की साजिश रच रहा है। उन्होंने बताया कि नामांतरण से जुड़े प्रकरण में वर्ष 2025 में तहसीलदार बांसगांव की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था, जहां मामला अभी विचाराधीन है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने से पहले विवाद को तूल देना गलत है।

मुकदमा दर्ज करवाया

शिवाजी चंद ने यह भी कहा कि 30 जनवरी 2026 को उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके संबंध में थाना गगहा में मुकदमा अपराध संख्या 0034/2025 धारा 351(3) और 126(2) बीएनएस के तहत दर्ज है। उनका आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद विरोधी पक्ष और अधिक सक्रिय हो गया है और विभिन्न स्तरों पर शिकायतें कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराया

बताया गया है कि 21 फरवरी 2026 को उन्होंने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जिला प्रशासन और प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराया है। उनका कहना है कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं और मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण सभी पक्षों को फैसले का इंतजार करना चाहिए।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 24 February 2026, 9:16 PM IST

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