महापाप हुआ, SIT पर भी सवाल’… लखनऊ में अखिलेश यादव के तीखे हमले से गरमाई सियासत

लखनऊ में अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, एसआईटी जांच और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, विपक्ष के साथ भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि धर्म नहीं, धन को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही लोकतंत्र और गौ संरक्षण पर भी चिंता जताई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 July 2026, 11:05 AM IST
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Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, एसआईटी जांच और भारतीय जनता पार्टी को लेकर तीखा हमला बोला। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है और सरकार इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने के बजाय लीपापोती कर रही है। उन्होंने गौ माता के मुद्दे से लेकर विपक्ष पर कार्रवाई और लोकतंत्र तक कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

'शंकराचार्य जी गौ माता को लेकर चिंतित हैं'

अखिलेश यादव ने कहा कि वह अभी पूजनीय शंकराचार्य जी से मुलाकात कर लौटे हैं। उनके अनुसार, शंकराचार्य गौ माता की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।

'बीजेपी के लिए धर्म नहीं, धन प्राथमिकता है'

सपा प्रमुख ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके विचार चुनाव और वोट के हिसाब से बदलते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए धर्म नहीं, बल्कि धन प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर हैं और "महापाप" की श्रेणी में आती हैं।

SIT की जांच पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही एसआईटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष नहीं दिख रही और केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सुनने में आया है कि एसआईटी के एक सदस्य पर भी धोखाधड़ी (420) का मुकदमा दर्ज है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो निष्पक्ष जांच पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

'विपक्ष पर कार्रवाई, लेकिन शिकायत नहीं सुनी जाती'

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं पर तेजी से एफआईआर दर्ज की जाती है, लेकिन जब विपक्ष शिकायत करता है तो उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं होती। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी संबंधित लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच होनी चाहिए। उनका दावा था कि जांच में कई तथ्य सामने आ सकते हैं।

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'लोकतंत्र के लिए खतरनाक है यह राजनीति'

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को ऐसी राजनीतिक परंपरा नहीं बनानी चाहिए, जिसमें विपक्ष के नेताओं पर हमले किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है और भविष्य में सत्ता बदलने पर यही स्थिति किसी और के साथ भी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल चेहरा नहीं, बल्कि पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है क्योंकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं से परेशान है।

Location :  Lucknow

Published :  9 July 2026, 11:05 AM IST

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