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शिवमय हुआ मंदिरों का शहर जम्मू (Img- Pinterest)
New Delhi: श्री अमरनाथ यात्रा के आधिकारिक आगाज के साथ ही 'मंदिरों के शहर' के रूप में विख्यात जम्मू की धार्मिक धड़कन बेहद तेज हो गई है। आठ दिनों से देश के कोने-कोने से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने पूरे शहर को अटूट भक्ति और अगाध आस्था के रंग में सराबोर कर दिया है। सुबह की पहली मंगल आरती से लेकर देर रात तक यहाँ के प्राचीन शिवालयों में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। पूरा जम्मू शहर इस समय ''हर-हर महादेव'' और ''जय बाबा बर्फानी'' के गगनभेदी जयघोषों से लगातार गूंज रहा है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जम्मू सिर्फ यात्रा का एक पड़ाव नहीं बल्कि परम आस्था का वह पवित्र द्वार है, जहाँ से इस अलौकिक आध्यात्मिक सफर की शुरुआत होती है।
अमरनाथ यात्रा पर आगे बढ़ने से पहले श्रद्धालु जम्मू के प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों में दर्शन व पूजन करने को अपनी यात्रा का सबसे शुभ और अनिवार्य कदम मान रहे हैं। यही मुख्य कारण है कि शहर के ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर, विशाल श्री रणबीरेश्वर मंदिर, बावे वाली माता मंदिर, आप शंभू मंदिर (रूप नगर), पीर खोह गुफा मंदिर, पंचबक्त्र मंदिर, दीवान मंदिर (कच्ची छावनी), राम मंदिर (धौंथली बाजार) और रुपयों वाले मंदिर सहित लगभग सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही भक्तों की मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
इन पावन मंदिरों में दिनभर पवित्र जलाभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और संगीतमय भजन-कीर्तन का दौर चल रहा है। श्री रघुनाथ मंदिर के गायत्री मंदिर के मुख्य पुजारी सुमित शर्मा बताते हैं कि अमरनाथ यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या आम दिनों के मुकाबले कई गुना बढ़ जाती है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले ये यात्री बाबा बर्फानी के दुर्गम मार्ग पर आगे बढ़ने से पहले यहाँ भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को बेहद सौभाग्यशाली मानते हैं।
जम्मू के सबसे बड़े और भव्य शिवालयों में शुमार श्री रणबीरेश्वर मंदिर इन दिनों विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहाँ महादेव की विशाल पिंडियों के दर्शन के लिए भक्तों का ताँता लगा है। वहीं दूसरी ओर, महाजन हाल स्थित पंजीकरण केंद्र के बेहद नजदीक होने के कारण श्री रामेश्वर मंदिर में भी हर सुबह एक अलग ही रौनक दिखाई देती है। तत्काल टोकन या पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे यात्री लाइन में लगने से पहले भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और पूरे उत्साह के साथ भोलेनाथ के जयकारे लगाते हैं।
जम्मू रेलवे स्टेशन पर विशेष यात्री ट्रेनों से उतरने वाले अधिकांश भक्त अगले दिन पहलगाम या बालटाल के लिए रवाना होने से पहले इस समय का उपयोग जम्मू के दर्शनीय स्थलों को देखने में कर रहे हैं। बावे वाली माता मंदिर और पीर खोह में दिनभर यात्रियों की निरंतर आवाजाही बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि जिन यात्रियों को अमरनाथ यात्रा के लिए कुछ दिन इंतजार करना पड़ रहा है, वे इस समय का सदुपयोग करने के लिए माता वैष्णो देवी के दर्शन हेतु कटड़ा की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे पूरे जम्मू संभाग के धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व गति मिली है।
भगवती नगर स्थित मुख्य यात्री निवास का पूरा माहौल भी इस समय पूरी तरह से वैराग्य और भक्ति के रंग में ढल चुका है। यहाँ चौबीसों घंटे ''बम-बम भोले'' के मधुर भजन बज रहे हैं। महाराष्ट्र से अपने पूरे जत्थे के साथ जम्मू पहुंचे श्रद्धालु सुनील रावत ने बताया कि उन्हें तत्काल टोकन मिल चुका है और उनका जत्था 10 जुलाई को घाटी के लिए कूच करेगा। सुनील के मुताबिक, तब तक वे जम्मू के सभी ऐतिहासिक मंदिरों की भव्यता और यहाँ के स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे आत्मीय स्वागत का आनंद लेना चाहते हैं।
Location : New Delhi
Published : 9 July 2026, 11:11 AM IST