राम मंदिर चढ़ावे का काला खेल! रिश्तेदारों के खातों से ऐसे ‘सफेद’ होती थी चोरी की रकम, 30 बैंक अकाउंट फ्रीज

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने कबूल किया कि चोरी की रकम रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खातों के जरिए छिपाई जाती थी। एसआईटी ने 30 बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। फर्जी रसीदें, संपत्तियां और अन्य लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 July 2026, 9:20 AM IST
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Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि चोरी की गई रकम को छिपाने के लिए वे अपने रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। पहले रकम उनके खातों में भेजी जाती थी, फिर अलग-अलग माध्यमों से वापस अपने खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, ताकि धन के स्रोत पर किसी को शक न हो। जांच के दौरान इस दावे की पुष्टि बैंक लेनदेन से भी हुई है।

रोजाना की जाती थी चढ़ावे की रकम में हेराफेरी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने स्वीकार किया कि वे लगभग रोजाना चढ़ावे की नकदी में हेराफेरी करते थे। आरोप है कि इस काम में टिन्नू यादव और गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत से रकम निकालना आसान हो जाता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी की नकदी और जेवर अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए हैं, जिनकी बरामदगी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

फर्जी रसीदें छापकर भी की जाती थी वसूली

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने दान लेने के लिए फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं। श्रद्धालुओं से चढ़ावे के नाम पर नकद राशि लेकर उन्हें नकली रसीद थमा दी जाती थी, जबकि पूरी रकम निजी तौर पर रख ली जाती थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ऐसी एक रसीद भी बरामद की है।

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30 बैंक खाते फ्रीज, करीबी भी जांच के दायरे में

एसआईटी की जांच के बाद आरोपियों और उनके परिजनों के करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। जांच में इन खातों में आय से अधिक लेनदेन पाए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि चोरी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ दोस्तों और परिचितों के खाते भी जांच के दायरे में आ गए हैं। यदि उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है।

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कार खरीद और संपत्तियों की भी जांच

जांच एजेंसियां आरोपी अनुकल्प मिश्रा द्वारा खरीदी गई कार की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन की खरीद में कहीं चढ़ावे की चोरी की रकम का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। यदि इसकी पुष्टि होती है तो कार को मामले में साक्ष्य के रूप में जब्त किया जा सकता है।

Location :  Ayodhya

Published :  9 July 2026, 9:14 AM IST

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