राम मंदिर चढ़ावे का सबसे बड़ा राज! पूछताछ में टूटी आरोपियों की चुप्पी, आज हो सकती है करोड़ों के सुराग की बरामदगी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। चोरी की रकम रिश्तेदारों के खातों के जरिए छिपाई जाती थी और फर्जी रसीदों से श्रद्धालुओं से ठगी की जाती थी। पुलिस को आज नकदी और जेवर की बड़ी बरामदगी की उम्मीद है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 July 2026, 9:29 AM IST
google-preferred

Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने पूछताछ में कई अहम राज खोले हैं। आरोपियों ने चोरी की पूरी साजिश, रकम छिपाने के तरीके और फर्जी रसीदों के इस्तेमाल का खुलासा किया है। पुलिस को उम्मीद है कि गुरुवार को चोरी की गई नकदी और जेवर की बड़ी बरामदगी हो सकती है।

रिश्तेदारों के खातों से छिपाई जाती थी चोरी की रकम

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चढ़ावे से चोरी की गई रकम सीधे अपने खातों में नहीं रखते थे। पहले यह रकम रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों में भेजी जाती थी। बाद में वही रकम अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए वापस अपने खातों में मंगवाई जाती थी, ताकि धन का वास्तविक स्रोत छिपा रहे। बैंक रिकॉर्ड की जांच में इस तरीके की पुष्टि भी हुई है।

मिलीभगत से आसान हो जाती थी चोरी

कोर्ट की अनुमति के बाद बुधवार सुबह जिला जेल से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि टिन्नू यादव और गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की कथित मिलीभगत के कारण चढ़ावे की रकम निकालने में कोई परेशानी नहीं होती थी। आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी की नकदी और जेवर अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए हैं।

बाग में होता था रकम का बंटवारा

जांच के दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उस बाग में भी लेकर गई, जहां कथित तौर पर चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। इस स्थान की जानकारी पहले गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने दी थी। पुलिस ने मौके पर आरोपियों के बयानों का सत्यापन भी कराया।

मैदान पर मेसी से तीखी बहस, फिर एंटी-रेसिज्म जेस्चर… हार के बाद कोच ने लगाए चौंकाने वाले आरोप

फर्जी रसीदों से श्रद्धालुओं को बनाया जाता था निशाना

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दान की फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं। श्रद्धालुओं से दान लेकर उन्हें नकली रसीद थमा दी जाती थी, जबकि पूरी रकम अपने पास रख ली जाती थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक फर्जी रसीद भी बरामद की है।

अखिलेश यादव बोले- भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही, मेरठ SSP ने न्याय मांगने वालों को थप्पड़ मारा

कार खरीद भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियां आरोपी अनुकल्प मिश्रा द्वारा पिछले वर्ष खरीदी गई कार की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन की खरीद में कहीं चोरी की रकम का इस्तेमाल तो नहीं हुआ। बैंक लेनदेन और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

Location :  Ayodhya

Published :  9 July 2026, 9:29 AM IST

Related News

Advertisement