हिंदी
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में सरयू नदी में नहाने गए 17 वर्षीय किशोर के डूबने की घटना सामने आई है। एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, जबकि एक सप्ताह में दूसरी घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।
घटना की फोटो (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर में सरयू नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। दोस्तों के साथ नहाने गया एक 17 वर्षीय किशोर देखते ही देखते तेज बहाव में समा गया और फिर लापता हो गया। मौके पर मौजूद लोगों के सामने सब कुछ हुआ, लेकिन कोई उसे बचा नहीं सका। उसकी मदद की चीखें नदी के शोर में खो गईं और पीछे रह गया सिर्फ सन्नाटा, डर और बेचैनी।
घटना गोला थाना क्षेत्र के गोडीयान घाट स्थित नऊवाबाबा कुटी के पास की है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे चंदौली गांव का रहने वाला 17 वर्षीय प्रिंस शुक्ला अपने चार दोस्तों के साथ वहां नहाने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह बिना घरवालों को बताए दोस्तों के साथ नदी में गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी में इस समय दो धाराएं बन गई हैं। एक तरफ पानी कम है, जबकि दूसरी ओर मुख्य धारा में बहाव काफी तेज है। जैसे ही प्रिंस और उसके दोस्त मुख्य धारा में पहुंचे, हालात अचानक बदल गए।
घटना के बाद वहां मौजूद दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। तीन दोस्त डर के मारे वहां से भाग निकले, जबकि एक दोस्त ने हिम्मत दिखाते हुए उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन वह खुद भी डूबने की स्थिति में पहुंच गया, जिसके बाद उसे अपनी जान बचाकर बाहर निकलना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी गई। थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही तहसील प्रशासन और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया, जो स्टीमर के जरिए नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। खबर लिखे जाने तक किशोर का कोई पता नहीं चल सका है और तलाश जारी है।
प्रिंस शुक्ला अपने परिवार का सबसे छोटा सदस्य था और हाल ही में उसने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। गांव में उसे एक होनहार छात्र के रूप में जाना जाता था। उसके पिता और दादा दिल्ली में रहते हैं, जबकि बड़ा भाई भी बाहर नौकरी करता है। गांव में वह अपनी मां और बहन के साथ रहता था। घटना की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी डूबने की घटना है, जिससे इलाके में डर और चिंता का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।