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यूपी में विद्युत सखियों का बड़ा नेटवर्क (IMG: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के गांवों में बिजली बिल जमा कराने का काम अब हजारों महिलाओं की कमाई का जरिया बन रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ‘विद्युत सखी’ के रूप में ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा कराकर कमीशन कमा रही हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अब तक 31 हजार से अधिक महिलाओं का विद्युत सखी के रूप में पंजीकरण किया गया है, जिनमें 16 हजार से ज्यादा सक्रिय हैं। इन महिलाओं ने 1.80 करोड़ से अधिक बिल भुगतान दर्ज किए हैं और 3,720 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल संग्रह किया है। इसके बदले उन्हें 47 करोड़ रुपये से ज्यादा कमीशन मिलने की जानकारी दी गई है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के समन्वय से संचालित विद्युत सखी योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और बिजली बिल भुगतान की सुविधा को गांवों के करीब पहुंचाना है। इस व्यवस्था के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में काम करने का अवसर मिलता है। उन्हें बिल भुगतान की प्रक्रिया और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ताओं के बिल जमा कराने में मदद करती हैं।
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विद्युत सखी योजना के तहत अब तक दर्ज आंकड़े इसके व्यापक संचालन को दर्शाते हैं। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रदेश में विद्युत सखियों ने 3,720 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं। इस माध्यम से 1.80 करोड़ से अधिक बिल भुगतान किए गए हैं। योजना के अंतर्गत 31 हजार से ज्यादा महिलाओं का पंजीकरण हुआ है, जबकि 16 हजार से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से बिल संग्रह का काम कर रही हैं। इस काम के बदले उन्हें कुल 47 करोड़ रुपये से अधिक कमीशन मिलने की जानकारी दी गई है।
योगी आदित्यनाथ (IMG: Pinterest)
विद्युत सखी योजना में महिलाओं की कमाई बिजली बिल जमा कराने के बदले मिलने वाले कमीशन पर आधारित है। इसके तहत वे ई-वॉलेट और डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं के बिल जमा करती हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, 2,000 रुपये तक का बिजली बिल जमा कराने पर विद्युत सखी को 20 रुपये तक कमीशन मिलता है। इस तरह भुगतान की संख्या और योजना के नियमों के अनुसार महिलाओं की आय बनती है।
विद्युत सखियां केवल बिल जमा कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच संपर्क का माध्यम भी बन रही हैं। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने के कारण उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए जानकारी और सुविधा मिल सकती है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, प्रदेश में 16 हजार से अधिक सक्रिय विद्युत सखियां ग्रामीण उपभोक्ताओं तक सेवाएं पहुंचा रही हैं। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ सामाजिक सम्मान बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
विद्युत सखी योजना को ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलता है और वे अपने क्षेत्र में सेवा उपलब्ध कराकर आय अर्जित कर सकती हैं। डिजिटल भुगतान प्रणाली से जुड़ने के कारण ग्रामीण इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन का इस्तेमाल बढ़ाने में भी इस व्यवस्था की भूमिका हो सकती है। इसके साथ ही, बिजली बिल संग्रह में महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण सेवा वितरण के लिए स्थानीय नेटवर्क तैयार होता है।
Location : Lucknow
Published : 25 October 2026, 3:25 PM IST
Topics : electricity bill collection Rural Employment Uttar Pradesh News women empowerment Yogi Government