हिंदी
वाराणसी एयर शो (Image Source: Pinterest)
Varanasi: वाराणसी में आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में भारतीय वायुसेना की ताकत और हवाई कौशल का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस समेत कई विमानों ने हिस्सा लिया।
आसमान में विमानों की तेज रफ्तार, सटीक तालमेल और अलग-अलग फॉर्मेशन देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के सामूहिक हवाई करतब और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान खींचा। गंगा के ऊपर एक के बाद एक विमानों की आवाजाही ने घाटों पर मौजूद लोगों के लिए इस आयोजन को यादगार बना दिया।
इस एयर शो की खासियत केवल आधुनिक लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन नहीं रहा, बल्कि इसमें काशी की सांस्कृतिक पहचान को भी जगह दी गई। यही वजह है कि यह आयोजन सामान्य हवाई प्रदर्शन से अलग नजर आया।
वाराणसी में एयर शो (Image Source: Pinterest)
‘विंग्स ओवर गंगा’ में हवाई फॉर्मेशन को दिए गए नामों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ओंकार, रुद्र, त्रिदेव, कैलाश, त्रिलोचन, नटराज, महादेव, विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ जैसे नाम काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े हैं।
इसके अलावा गंगा, वरुणा, हनुमान, सारनाथ और दशाश्वमेध जैसे नामों के जरिए वाराणसी और आसपास के क्षेत्र की पहचान को भी प्रदर्शित किया गया। इस तरह आधुनिक सैन्य तकनीक और काशी की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा मेल देखने को मिला।
वाराणसी की पहचान दुनिया भर में गंगा, घाटों और प्राचीन परंपराओं के लिए है। ऐसे में यहां लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के साथ स्थानीय पहचान से जुड़े नामों का इस्तेमाल आयोजन को एक अलग रंग देता है। आसमान में विमानों की गर्जना के बीच इन नामों ने दर्शकों के लिए उत्सुकता भी बढ़ाई।
एयर शो में भारतीय वायुसेना की आपात परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता की झलक भी दिखाई गई। गरुड़ कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर विशेष अभियान और बचाव कार्रवाई का अभ्यास प्रदर्शित किया। इस दौरान कमांडो रो-रो पोत पर उतरे और विशेष अभियान से जुड़ी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इससे दर्शकों को लड़ाकू विमानों के अलावा प्रशिक्षित जवानों और हेलीकॉप्टरों की भूमिका समझने का अवसर मिला।
'विंग्स ओवर गंगा' देखने के लिए वाराणसी और चंदौली की ओर गंगा तटों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। परिवार अपने बच्चों के साथ विमानों के करतब देखने आए। नमो घाट इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा, जहां आसमान में विमानों की गतिविधियों को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
22, 24 और 25 अक्टूबर को निर्धारित तीन दिवसीय कार्यक्रम का अंतिम प्रदर्शन रविवार, 25 अक्टूबर को आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और हवाई कौशल को प्रदर्शित करना था। काशी के सांस्कृतिक नामों और आधुनिक सैन्य शक्ति के मेल ने इस एयर शो को खास पहचान दी।
Location : Varanasi
Published : 25 October 2026, 1:59 PM IST