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शासन की मंजूरी के बाद ही शुरू होगा निर्माण (Source: Dynamite News)
Kasganj: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले की पटियाली तहसील में हर साल गंगा की बाढ़ से परेशान ग्रामीणों को अब राहत की उम्मीद जगी है। नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबा बांध बनाने की परियोजना तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने बांध निर्माण के लिए अपनी जमीन देने पर सहमति जता दी है। हालांकि, परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले शासन की मंजूरी मिलना बाकी है।
पटियाली क्षेत्र के नगला जैली, राजेपुर कुर्रा, चतुरी नगला, खना नगला, मूंझखेड़ा, नगला हंसी, नगला नरपत, नगला दुर्जन और नगला जयकिशन समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर गांवों के आसपास पानी भर जाता है। कई बार मुख्य मार्गों से संपर्क टूटने के कारण ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ता है।
बाढ़ का असर केवल लोगों के आवागमन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खेती-किसानी को भी नुकसान पहुंचता है। इस साल ग्रामीणों को करीब दो महीने तक बाढ़ की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। फसलों को हुए नुकसान के लिए प्रभावित किसानों को एक करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया गया।
बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के लिए सिंचाई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। बैठकों और चौपालों के जरिए परियोजना की जानकारी दी गई और भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति ली गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित गांवों में जमीन देने के लिए शत-प्रतिशत सहमति प्राप्त हुई है।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता बालभद्र और सहायक अभियंता पंकज कश्यप ने ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर सुझाव भी लिए। शनिवार को राजेपुर कुर्रा में हुई बैठक में कई ग्रामीण शामिल हुए।
कासगंज जिले की पटियाली तहसील की गंगा (Img: X)
बीते 2 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी पटियाली तहसील परिसर में बांध निर्माण समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। प्रशासन की ओर से मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद यह पहल आगे बढ़ी।
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उपजिलाधिकारी पटियाली सुशांत सावरे के आदेश पर गठित संयुक्त समिति ने सहमति लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब सिंचाई विभाग परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय के माध्यम से शासन को भेजेगा। सिंचाई विभाग के एसडीओ संदीप जैन के अनुसार, प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
बांध बनने से बाढ़ के दौरान गांवों का संपर्क टूटने और फसलों को होने वाले नुकसान में कमी आने की उम्मीद है। लेकिन ग्रामीणों को वास्तविक राहत कब मिलेगी, यह शासन की मंजूरी और आगे की निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
Location : Kasganj
Published : 25 October 2026, 12:49 PM IST