2027 चुनाव से पहले अमेठी में सियासी हलचल : प्रभारी मंत्री बनीं प्रतिभा शुक्ला, क्या साध पाएंगी ब्राह्मण वोट?

अमेठी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने प्रतिभा शुक्ला को प्रभारी मंत्री बनाकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। ब्राह्मण बहुल जिले में इस फैसले को सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या भाजपा इस कदम से 2024 की हार की भरपाई कर पाएगी।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 4 June 2026, 5:11 AM IST
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Amethi : जिले में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बड़ा सियासी दांव खेल दिया है। ब्राह्मण बहुल इस जिले में प्रतिभा शुक्ला को प्रभारी मंत्री बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि वह अब सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इस फैसले को राजनीतिक जानकार बेहद अहम मान रहे हैं।

प्रभारी मंत्री की नियुक्ति से बढ़ी हलचल

उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर देहात की अकबरपुर रनिया सीट से विधायक और महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला को अमेठी का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी सतीश शर्मा के पास थी। इस बदलाव को सीधे तौर पर 2027 चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

ब्राह्मण वोट बैंक पर फोकस

अमेठी को ब्राह्मण बाहुल्य जिला माना जाता है, लेकिन फिलहाल भाजपा के पास यहां कोई ब्राह्मण विधायक या सांसद नहीं है। ऐसे में प्रतिभा शुक्ला की नियुक्ति को पार्टी के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। जिससे ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की कोशिश की जाएगी।

चार विधानसभा सीटों का समीकरण

अमेठी जिले में अमेठी, तिलोई, गौरीगंज और जगदीशपुर विधानसभा सीटें हैं। 2022 के चुनाव में जहां तिलोई और जगदीशपुर पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। वहीं गौरीगंज और अमेठी सीट सपा के खाते में गई थी। इन सीटों पर भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी।

अमेठी में भाजपा का ना तो अपना विधायक और ना सांसद, 2027 के लिए अपनों का भरोसा भी दे रहा दगा

2024 लोकसभा चुनाव ने बदला माहौल

2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी सीट पर बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा की स्मृति ईरानी को हराया था। कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने करीब 1.67 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण को पूरी तरह बदल दिया था। इस हार के बाद भाजपा अब कोई भी चूक दोहराना नहीं चाहती।

जातीय समीकरण बना सबसे बड़ा फैक्टर

अमेठी के जातीय समीकरणों में ओबीसी मतदाता करीब 34%, दलित 26%, मुस्लिम 20%, ब्राह्मण 12% और राजपूत करीब 8% हैं। ब्राह्मण वोट बैंक का यह 12% हिस्सा कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

प्रतिभा शुक्ला पर बड़ी जिम्मेदारी

दो बार की विधायक और वर्तमान में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला पर अब संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी होगी। भाजपा को उम्मीद है कि उनके जरिए ब्राह्मण मतदाताओं को साधकर 2027 में मजबूत वापसी की जा सकती है।

Location :  Amethi

Published :  4 June 2026, 5:10 AM IST

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