चार बार नहीं बनी बात, पांचवीं पैमाइश पर खत्म हुआ विवाद! खजनी के मथौली में एसडीएम की पहल से दोनों पक्षों में बनी सहमति

गोरखपुर के खजनी में वर्षों पुराने जमीन विवाद का आखिरकार समाधान हो गया। ग्राम सभा मथौली में चार बार पैमाइश के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी। मामला समाधान दिवस पहुंचा तो नवागत एसडीएम ने खुद मौके पर पहुंचकर पांचवीं पैमाइश कराई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 9 September 2026, 8:33 PM IST
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Gorakhpur: खजनी तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा मथौली में वर्षों से चले आ रहे जमीनी विवाद का प्रशासन ने पांचवी पैमाइश के बाद समाधान करा दिया। जमीन की सीमा को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से असंतोष बना हुआ था। पूर्व में चार बार जरीब से पैमाइश कराए जाने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी।

मामला खजनी तहसील के समाधान दिवस में पहुंचा, जहां एक पक्ष ने पूर्व की पैमाइश को लेकर असंतोष जताते हुए निष्पक्ष समाधान की मांग की।

समाधान के लिए राजस्व टीम का गठन

मामले को गंभीरता से लेते हुए नवागत एसडीएम एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस कुणाल रस्तोगी ने मौके पर जाकर विवाद का समाधान कराने के लिए राजस्व टीम गठित की। उनके नेतृत्व में नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक महेंद्र सिंह व धीरेंद्र सिंह, लेखपाल कौटिल्य दुबे, राजीव रंजन, रवि सैनी और हल्का लेखपाल राजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे।

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विवादित जमीन ग्राम सभा मथौली में खजनी-बिगही मार्ग के किनारे स्थित है। एक पक्ष से राधेश्याम यादव और दूसरे पक्ष से विश्वनाथ गुप्ता के बीच जमीन की सीमा और पैमाइश को लेकर विवाद चला आ रहा था। प्रशासन की टीम ने दोनों पक्षों को मौके पर मौजूद रखते हुए पांचवीं बार जरीब से भूमि की पैमाइश कराई। पूरी प्रक्रिया दोनों पक्षों के सामने पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। पैमाइश के दौरान राजस्व अधिकारियों ने संबंधित अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान करते हुए भूमि की सीमा निर्धारित की।

दोनों पक्षों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर जताई सहमति

हरपुर-बुदहट पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश पूरी होने के बाद दोनों पक्षों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सहमति जताई। लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने पर मौके पर ही दोनों पक्षों ने संतुष्टि व्यक्त की। नवागत एसडीएम कुणाल रस्तोगी ने भी मौके पर दोनों पक्षों की संतुष्टि के बाद निस्तारण की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैमाइश के बाद निर्धारित सीमा और लगाए गए पत्थल से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। अगर कोई पक्ष पत्थल उखाड़ने या निर्धारित सीमा में बदलाव करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन की इस पहल से वर्षों पुराने विवाद का शांतिपूर्ण समाधान होने पर दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने भी मौके पर राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में विवाद के निस्तारण को प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावी मिसाल बताया।

Location :  Gorakhpur

Published :  9 September 2026, 8:33 PM IST

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