तीन दिन में 13 बछड़ों की मौत! देवरिया के गोआश्रय केंद्र में मचा हड़कंप, केयरटेकर की गैरहाजिरी पर उठे सवाल

देवरिया के कुंडौली गोआश्रय केंद्र में तीन दिनों के भीतर 13 गौवंशीय बछड़ों की मौत से हड़कंप मचा है। केंद्र की क्षमता से ज्यादा पशु रखे जाने और केयरटेकर के करीब एक सप्ताह से ड्यूटी पर नहीं आने की बात सामने आई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 9 September 2026, 7:22 PM IST
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Deoria: देवरिया जिले के भागलपुर क्षेत्र के कुंडौली चौराहे पर जिला पंचायत द्वारा संचालित गोआश्रय केंद्र में तीन दिनों के भीतर 13 गौवंशीय बछड़ों की मौत से हड़कंप मच गया। आरोप है कि एक सप्ताह से केयरटेकर के गायब रहने के कारण पशुओं को समय से चारा-पानी नहीं मिल सका।

पशुओं को दफनाने पर किया हंगामा

बताया जा रहा है कि करीब 25 पशुओं की क्षमता वाले इस गोआश्रय केंद्र में लगभग 45 पशु रखे गए थे। शनिवार को चार, रविवार को छह और सोमवार को तीन गौवंशीय बछड़ों की मौत होने की बात सामने आई। कर्मचारियों द्वारा मृत पशुओं को दफनाए जाने के बाद मामले की जानकारी ग्रामीणों को हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर लोगों ने हंगामा किया।

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केयरटेकर की लापरवाही बनी बड़ी वजह

सूचना मिलने पर जिला पंचायत के राजस्व निरीक्षक नंद किशोर और रामनाथ यादव मौके पर पहुंचे। बताया गया कि गोआश्रय केंद्र में अशोक नामक केयरटेकर की तैनाती थी। वह बीमार होने की सूचना देकर एक सप्ताह से ड्यूटी पर नहीं आ रहा था। आरोप है कि केयरटेकर के अनुपस्थित रहने के कारण पशुओं की उचित देखभाल नहीं हो सकी।

वहीं, जिला पशु चिकित्साधिकारी श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि वह 7 सितंबर को भ्रमण के दौरान कुंडौली गोआश्रय केंद्र पहुंचे थे। उस समय केंद्र का ताला बंद मिला और अंदर एक पशु मृत तथा एक पशु घायल अवस्था में दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देकर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

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तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन

जिला पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार बाद में मामले की गंभीरता की जानकारी मिलने पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। जांच टीम में भागलपुर, सलेमपुर और बरहज के पशु चिकित्सकों को शामिल किया गया। दो पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया है और जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है।

अधिकारी ने बताया कि फिलहाल गोआश्रय केंद्र में चारा, साइलेज और दाने की व्यवस्था कर दी गई है और पशुओं की देखभाल के लिए केयरटेकर की भी व्यवस्था की गई है। केयरटेकर के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारणों और मामले में जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

Location :  Deoria

Published :  9 September 2026, 7:21 PM IST

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