Bulandshahr ATS Action: बुलंदशहर से दो संदिग्ध गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलरों से जुड़े हो सकते हैं तार

बुलंदशहर में ATS की बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। आतंकी संगठनों से तार जुड़े की आशंका जताई जा रही है इसके साथ ही संदिग्ध विदेशी संपर्कों और कथित नेटवर्क को लेकर जांच में तेजी हो गई है। पढ़े पूरी खबर।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 18 June 2026, 8:55 PM IST
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Bulandshahar: बुलंदशहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में उस समय हड़कंप मच गया जब उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में दोनों के विदेशी संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुट गई हैं।

एटीएस को पिछले कुछ समय से दोनों संदिग्धों की गतिविधियों को लेकर लगातार इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद तकनीकी निगरानी और सर्विलांस के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद एटीएस की टीम ने बुलंदशहर में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद उमर पुत्र जुल्फिकार और फैजान पुत्र शनीमुद्दीन के रूप में हुई है। दोनों बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र के अकबरपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

'स्लीपर सेल' के रूप में सक्रिय होने का दावा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर इलाके में सक्रिय थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वे स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रहे थे और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करने की कोशिश में जुटे थे।

एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों संदिग्ध कथित रूप से पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी और हैंडलर आबिद जट के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दोनों को विदेश से किस प्रकार के निर्देश मिल रहे थे और उनका उद्देश्य क्या था।

नेटवर्क और संपर्कों की खंगाल रही एजेंसियां

इस कार्रवाई की पुष्टि एडीजी कानून-व्यवस्था एवं एटीएस अमिताभ यश ने की है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनसे मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियां अब दोनों संदिग्धों के मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में इनके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर पूरे नेटवर्क पर

फिलहाल पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। एटीएस और अन्य एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

Location :  Bulandshahr

Published :  18 June 2026, 8:55 PM IST

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