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WhatsApp पर विज्ञापन हटाने के लिए पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल की टेस्टिंग के संकेत मिले हैं। नए अपडेट में Status और Channels सेक्शन में ऐड दिख सकते हैं, जिसे हटाने के लिए यूजर्स को पैसे देने पड़ सकते हैं।
New Delhi: WhatsApp यूज करने वालों के लिए आने वाले दिन बड़ा बदलाव लेकर आ सकते हैं। जिस मैसेजिंग ऐप को अब तक लोग उसकी सादगी और बिना विज्ञापन वाले अनुभव के लिए पसंद करते थे, वहां अब पैसे देने की बात सामने आ रही है। दरअसल, WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर ऐड-फ्री सब्सक्रिप्शन मॉडल की टेस्टिंग करने जा रहा है। शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं कि अगर यूजर्स विज्ञापन नहीं देखना चाहते, तो उन्हें इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है।
Update Tab में दिखेंगे विज्ञापन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp के नए वर्जन 2.26.3.9 के कोड की जांच में कुछ ऐसे स्ट्रिंग्स मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि Status और Channels सेक्शन से विज्ञापन हटाने के लिए पेड सब्सक्रिप्शन का विकल्प दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में Update Tab में यूजर्स को विज्ञापन दिखाई देने लगेंगे। हालांकि, WhatsApp या उसकी पेरेंट कंपनी Meta की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
पेड मॉडल को लेकर अभी सस्पेंस
WhatsApp के पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल को लेकर फिलहाल बहुत सीमित जानकारी ही सामने आई है। यह साफ नहीं है कि सब्सक्रिप्शन की कीमत क्या होगी और क्या सभी यूजर्स के लिए यह जरूरी होगा या फिर यह पूरी तरह ऑप्शनल रहेगा। हालांकि, अगर कंपनी इस मॉडल को रोलआउट करती है, तो आने वाले दिनों में इसकी पूरी डिटेल्स सामने आ सकती हैं।
पहले भी हो चुकी है विज्ञापनों की टेस्टिंग
यह पहली बार नहीं है जब WhatsApp में विज्ञापनों की बात हो रही हो। बीते साल Meta ने WhatsApp के Status और Channels सेक्शन में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू की थी। उस वक्त बड़ी संख्या में यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की थी। WhatsApp लंबे समय से अपने क्लीन और सिंपल यूजर इंटरफेस के लिए जाना जाता है, और यही वजह है कि यूजर्स यहां फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसा ऐड एक्सपीरियंस नहीं चाहते।
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WhatsApp का अब तक का सफर
WhatsApp की शुरुआत साल 2009 में Jan Koum और Brian Acton ने की थी। शुरुआत में यह एक सिंपल स्टेटस ऐप था, लेकिन 2010 में इसमें इंस्टेंट मैसेजिंग फीचर जोड़ा गया। 2011 में ग्रुप चैट की सुविधा आई और इसके बाद WhatsApp तेजी से दुनिया का सबसे पॉपुलर मैसेजिंग ऐप बन गया। एंड्रॉयड और iOS पर जबरदस्त सफलता के बाद 2014 में Facebook, जिसे अब Meta कहा जाता है, ने WhatsApp को 19 बिलियन डॉलर में खरीद लिया।
अब सवाल यही है कि क्या WhatsApp अपने फ्री मॉडल से धीरे-धीरे दूरी बना रहा है, या फिर यूजर्स को एक विकल्प दिया जाएगा। इसका जवाब आने वाले अपडेट्स में मिलेगा।