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लखनऊ: प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और डैम से नदियों में छोड़े जा रहे पानी के कारण हालत बिगड़ गए हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसी हालत हो गई है। वहीं कई जिलों के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
यूपी की राजधानी के आसपास के इलाकों में बारिश कहर ढा रही है। अमेठी में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गए। वहीं रायबरेली में भी कई घटनाओं में तीन लोगों की मरने की खबर सामने आई है।

इसके अलावा अयोध्या में बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए। बलरामपुर और गोंडा में भी आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान चली गई।
बस्ती जिले में सरयू नदी उफान पर बह रही है। जिसके कारण जिले के कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं आगरा मथुरा समेत कई जिलों के इलाकों में पानी भर गया है।

लखीमपुर, सीतापुर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि लखीमपुर की स्थिति अधिक खराब है। वहां कई गावों में पानी भर गया है। अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान को छूने लगा है। जबकि बाराबंकी में घाघरा नदी खतरे का निशान पार कर गई है।
वहीं बुंदेलखंड इलाके से गुजरने वाली चंबल और यमुना का जलस्तर लाल निशान के पास है। हमीरपुर और उरई में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को मुसीबत हो गई है। बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित खादर क्षेत्र के गांवों में जल स्तर बढ़ गया है। मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया है।
Published : 22 August 2019, 11:36 AM IST
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